up prime news : बरेली एनकाउंटर में बड़ा खुलासा! इफ्तेखार नहीं, फिरोज था वो, परिवार ने की पहचान
बरेली, यूपी प्राइम न्यूज़: उत्तर प्रदेश के बरेली में हाल ही में हुए पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बदमाश की पहचान को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पहले जिस बदमाश को 'इफ्तेखार' या 'शैतान' के नाम से जाना जा रहा था, वह दरअसल फिरोज निकला, जो संभल जिले का निवासी था। पुलिस ने तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद उसके परिवार का पता लगा लिया है।
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| फिरोज की फाइल फोटो :-up prime news |
रविवार को फिरोज की पत्नी संभल से बरेली पहुंची और पुलिस एवं संस्था अवाम-ए-खिदमत कमेटी के सहयोग से उसके शव को कैंट स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पहचान को लेकर पहले थी उलझन
एनकाउंटर के बाद बदमाश की सही पहचान न होने के कारण अधिकारी भी उलझन में थे। एसएसपी अनुराग आर्य ने सात पुलिस कमिश्नरों और एसपी को पत्र भेजकर पहचान में मदद करने की अपील की थी। बरेली पुलिस मृतक की फोटो और उसके 15 नाम और सात पते लेकर घूम रही थी, लेकिन कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
मुखरमपुर का रहने वाला था फिरोज
शनिवार को पुलिस ने संभल जिले के एक पते से फिरोज के परिवार का पता लगाया। उसका असली नाम फिरोज पुत्र अशहाक हुसैन था। वह शेखजादा बिरादरी का निकला और उसका गांव मुखरमपुर है, जो संभल जिले के थाना हजरतनगर गढ़ी में आता है। बरेली पुलिस ने वहां के प्रधान की मदद से फिरोज की पत्नी शायदा को बरेली बुलवाया।
तीन दिन तक तलाशती रही पुलिस
फिरोज उर्फ इफ्तेखार उर्फ शैतान के परिजनों की तलाश में पुलिस ने तीन दिन तक कानपुर, लखनऊ, नोएडा, आगरा, वाराणसी और गाजियाबाद तक दस्तक दी, लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया। आखिरकार अवाम-ए-खिदमत कमेटी नाम की संस्था को शव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रविवार सुबह उसका शव दफनाया गया। मौके पर पुलिस अफसरों के साथ फोर्स भी तैनात रही।
लाखों रुपये का इनामी था फिरोज, ऐसे सामने आया था नाम
शैतान का नाम नवंबर 2024 में बिथरी चैनपुर के उदयपुर जसराथपुर गांव में हुई डकैती के बाद सामने आया था। नकाबपोश बदमाशों ने किसान केशर खां के परिवार को बंधक बनाकर लाखों की लूट की थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। चार अक्टूबर को पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों मुरादाबाद के आफताब उर्फ सैफ और शाहजहांपुर के देवेंद्र को मुठभेड़ में दबोचा था। पूछताछ में शैतान का नाम उजागर हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। गुरुवार सुबह नैनीताल हाईवे पर बिलवा पुल के पास पुलिस ने शैतान को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
सात जिलों में 19 मुकदमे, दोहरे हत्याकांड में भी नाम
शैतान पर सात जिलों में हत्या, लूट और डकैती के 19 मामले दर्ज थे। इनमें मेरठ और बरेली में दोहरे हत्याकांड जैसी वारदातें भी शामिल थीं। हर वारदात के बाद वह अपना नाम और ठिकाना बदल लेता था। एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक, शैतान छैमार गिरोह का सक्रिय सदस्य था। ये गिरोह के सदस्य ज्यादातर दूर-दराज के जिलों में वारदात को अंजाम देते हैं। ये लोग अक्सर बारात या शादी समारोहों में शामिल होकर रेकी करते और फिर निशाने पर आए घरों में डकैती डालते। डकैती के दौरान विरोध होने पर हत्या करना इस गिरोह की पहचान है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।

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