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बागपत: 'सिगरेट वाले बाबा' का अनोखा दरबार, कश लगाकर बीमारी और भूत-प्रेत भगाने का दावा, वीडियो वायरल

 बागपत (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से अंधविश्वास और आस्था के बीच की एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां के दोघट क्षेत्र में एक ऐसा दरबार लग रहा है, जहां इलाज के लिए न तो किसी डॉक्टर की जरूरत है और न ही किसी दवा की। यहां 'सिगरेट वाले बाबा' के नाम से मशहूर एक व्यक्ति सिगरेट के कश से लोगों की गंभीर बीमारियों और कथित भूत-प्रेत की बाधाओं को दूर करने का दावा कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि बाबा पीले वस्त्र पहनकर लोगों के चेहरों पर सिगरेट का धुआं छोड़ रहे हैं और लोग इसे चमत्कार मानकर कतारों में खड़े हैं।

सिगरेट वाले बाबा पीले वस्त्र में फोटो :-up prime news












स्थानीय लोगों और दुकानदारों, विशेषकर रामपाल नामक दुकानदार के मुताबिक, यह बाबा पहले मूंगफली बेचने का काम करते थे, लेकिन अब वे 'चमत्कारी बाबा' बन चुके हैं। उनका दावा है कि बाबा के दरबार में मानसिक तनाव से लेकर शारीरिक कष्टों तक का इलाज सिर्फ सिगरेट के धुएं से किया जाता है। दूर-दराज से लोग यहां अपनी अर्जी लेकर पहुंच रहे हैं और बाबा भजनों की धुन पर सिगरेट का कश लगाते हुए धुएं का गुबार छोड़ते हैं, जिसे भक्त 'आशीर्वाद' मान रहे हैं।

हालांकि, इस घटना ने समाज के एक बड़े वर्ग और तर्कवादियों को चिंता में डाल दिया है। जहां एक तरफ भीड़ इसे आस्था मान रही है, वहीं दूसरी तरफ इसे अंधविश्वास और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी का इलाज धुएं से संभव नहीं है, बल्कि यह पैसिव स्मोकिंग (Passive Smoking) के जरिए स्वस्थ लोगों को भी बीमार कर सकता है। यह मामला बिहार के 'कंबल वाले बाबा' जैसा ही है, जहां भीड़ की मानसिकता का फायदा उठाया जा रहा है।

खबर का बैकग्राउंड:
हाल ही में सोशल मीडिया पर बागपत के इस बाबा का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया। इससे पहले बिहार में भी कंबल ओढ़ाकर इलाज करने वाले बाबा का वीडियो सामने आया था। सिगरेट वाले बाबा का यह वीडियो अंधविश्वास के बढ़ते चलन और मेडिकल साइंस को दरकिनार करने वाली मानसिकता को दर्शाता है।


पब्लिक इम्पैक्ट:
इस तरह के दावों से आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज डॉक्टर के पास जाने के बजाय ऐसे दरबारों में समय गंवा रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। साथ ही, सिगरेट का धुआं बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद हानिकारक है। यह समाज में अवैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दे रहा है।


UP Prime News एनालिसिस:
आस्था का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जब आस्था अंधविश्वास में बदल जाए और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाए, तो यह चिंताजनक है। प्रशासन को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भोले-भाले लोगों की सेहत और भावनाओं के साथ खिलवाड़ न हो।

बागपत | UP Prime News
Published: 31 December 2025 | 4:59 PM IST
By UP Prime News Desk













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