[UP Police Report Card 2025] डीजीपी राजीव कृष्ण का बड़ा बयान- यूपी में इस साल 48 अपराधी एनकाउंटर में ढेर, साढ़े 8 साल में कोई दंगा नहीं
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने साल 2025 के अंतिम दिन पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की कानून व्यवस्था का लेखा-जोखा पेश किया है। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस ने अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ों में 48 अपराधी मारे गए हैं। वहीं, पिछले साढ़े आठ वर्षों (योगी सरकार के कार्यकाल) के कुल आंकड़ों को देखें तो अब तक 266 अपराधी पुलिस कार्रवाई में ढेर हुए हैं, जबकि 10,990 घायल हुए हैं।
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| (DGP) राजीव कृष्ण फोटो :- up prime news |
डीजीपी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पिछले साढ़े आठ सालों में उत्तर प्रदेश में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है, जो राज्य की कानून व्यवस्था की एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, अपराधियों से लोहा लेते हुए पुलिस को भी नुकसान उठाना पड़ा है। इस अवधि में यूपी पुलिस के 18 जवान शहीद हुए हैं और 1783 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सजा दिलाने की दर (Conviction Rate) में भी तेजी आई है। इस साल 1.25 लाख से अधिक अपराधियों को अदालतों से सजा दिलाई गई, जिनमें से 79 को मृत्युदंड (फांसी) की सजा मिली है।
भ्रष्टाचार और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया कि माफियाओं की 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति या तो जब्त की गई है या ध्वस्त कर दी गई है। इसमें माफिया अतीक अहमद की 50 करोड़ की संपत्ति भी शामिल है। वहीं, भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए 2025 में 687 'ट्रैप' की कार्रवाई की गई और 41 सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। साइबर अपराध पर भी नकेल कसी गई है, जिसमें 325 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को फ्रीज कराया गया और 77 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए गए।
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार कानून व्यवस्था को अपना सबसे मजबूत पक्ष मानती रही है। हर साल के अंत में पुलिस विभाग पूरे वर्ष का 'क्राइम रिपोर्ट कार्ड' जनता के सामने रखता है। डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा पेश किए गए ये आंकड़े 2025 में राज्य में अपराध नियंत्रण की स्थिति और पुलिस की सक्रियता को दर्शाते हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इन आंकड़ों और पुलिसिया कार्रवाई का सीधा असर आम जनता की सुरक्षा भावना पर पड़ता है। दंगों पर रोक और त्यौहारों के शांतिपूर्ण संपन्न होने से व्यापार और जनजीवन सामान्य रहता है। साइबर ठगी के पैसों का फ्रीज होना और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी सीधे तौर पर पीड़ित नागरिकों को राहत पहुंचाती है। साथ ही, महिला सुरक्षा और त्वरित न्याय से समाज में कानून के प्रति भरोसा बढ़ता है।
UP Prime News एनालिसिस:
डीजीपी द्वारा पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि यूपी पुलिस संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अपराध के ग्राफ में डकैती (90%) और लूट (84%) में आई भारी कमी संतोषजनक है, लेकिन पुलिसकर्मियों के घायल होने और शहीद होने के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि ग्राउंड पर चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।
लखनऊ | UP Prime News
Published: December 31, 2025 | 07:57 PM IST
By UP Prime News Desk

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