कानपुर। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कानपुर की बर्रा पुलिस को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बर्रा बाईपास स्थित हाईवे अंडरपास से एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई है।
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क्या है पूरा मामला?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप कुमार कर्ण के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नेपाल का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, प्रदीप नेपाल से करीब 13.2 किलोग्राम चरस तस्करी कर कानपुर लाया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 2.6 करोड़ रुपये आंकी गई है।
तस्करी का तरीका और पुलिस का जाल
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी प्रदीप नेपाल से चरस लेकर पहले झकरकटी बस अड्डे उतरा और फिर वहां से ऑटो लेकर बर्रा बाईपास पहुंचा। वह इन नशीले पदार्थों को दो झोलों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर लाया था, जिन्हें सावधानी से ब्राउन टेप से पैक किया गया था।
पुलिस को इसकी सटीक जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। गुरुवार दोपहर करीब 4:30 बजे जब प्रदीप बर्रा के भोलेश्वर मंदिर के पास किसी को माल सौंपने जा रहा था, तभी एसटीएफ और बर्रा पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कुछ देर के लिए अंडरपास का ट्रैफिक भी रोक दिया था।
कहां होनी थी सप्लाई?
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इस माल को कानपुर के सचेंडी और काकादेव जैसे इलाकों में सप्लाई करने वाला था। वह मंदिर के पास एक स्थानीय युवक को यह खेप सौंपने वाला था, जिसकी तलाश में अब पुलिस छापेमारी कर रही है।
जनता पर प्रभाव और सुरक्षा व्यवस्था
कानपुर जैसे बड़े शहर में, जो एक एजुकेशनल हब (काकादेव) भी है, वहां इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों का पहुंचना युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। इस गिरफ्तारी से स्थानीय इलाकों में चल रहे ड्रग सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है। नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
UP Prime News एनालिसिस:
नेपाल सीमा से उत्तर प्रदेश के शहरों तक नशीले पदार्थों की पहुंच पुलिस के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। इस मामले में आरोपी का बस और ऑटो जैसे सार्वजनिक साधनों का उपयोग करना यह दर्शाता है कि तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। हालांकि, एसटीएफ की सक्रियता ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीक और मुखबिर तंत्र के जरिए इन नेटवर्क को तोड़ना मुमकिन है।
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