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गाजियाबाद: 56 दिन बाद नूरपुर के जंगल में मिला 10 साल के मासूम का कंकाल, टी-शर्ट से हुई पहचान

 गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ पिछले 56 दिनों से लापता 10 वर्षीय छात्र लविश कुमार का कंकाल नूरपुर के जंगलों में मिला है। मासूम की पहचान उसके बड़े भाई सागर ने मौके पर मिली टी-शर्ट और कपड़ों के आधार पर की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू कर दी है।

लविश कुमार का कंकाल फोटो:-up prime news







लविश कुमार, जो मसूरी थाना क्षेत्र के समयपुर का निवासी था, बीते 3 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे घर के पास खेलते समय अचानक गायब हो गया था। उसकी माँ सीमा देवी ने 4 नवंबर को मसूरी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को समयपुर गांव से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित नूरपुर के जंगल में एक नरकंकाल मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के निर्देश दिए।

लविश फोटो:- up prime news

पुलिस के अनुसार, मासूम के कंकाल को कब्जे में लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (कार्यवाहक) सलोनी अग्रवाल ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। लविश नूरपुर स्थित सुंदर मेमोरियल स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था और अपने चार बहनों व दो भाइयों में सबसे छोटा था। पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि यह हादसा था या किसी साजिश का परिणाम।

खबर का बैकग्राउंड:
लविश 3 नवंबर 2025 से लापता था। पुलिस और परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था। 56 दिनों के लंबे इंतजार के बाद उसका अवशेष घर के पास के ही जंगल में मिला, जिससे पुलिस की शुरुआती खोजबीन पर भी सवाल उठ रहे हैं।


पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने स्थानीय निवासियों और अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। आबादी वाले क्षेत्र के इतने करीब जंगल में मासूम का कंकाल मिलना कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


UP Prime News एनालिसिस:
लापता बच्चों के मामलों में शुरुआती घंटों की सर्च ऑपरेशन बेहद महत्वपूर्ण होती है; इस मामले में घर के इतने करीब कंकाल मिलना पुलिस की पूर्व की तलाशी प्रक्रिया की सीमाओं को दर्शाता है।

गाजियाबाद | UP Prime News
Published: Monday, 29 Dec 2025 | 09:15 PM IST
By UP Prime News Desk



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