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कानपुर: हैलट अस्पताल की बड़ी लापरवाही, मौत बेड नंबर 42 पर हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट 43 के जिंदा मरीज की भेज दी

 कानपुर (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल से लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ वार्ड नंबर 12 में बेड नंबर 42 पर भर्ती एक अज्ञात मरीज की मौत हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने जल्दबाजी में बगल के बेड (नंबर 43) पर भर्ती जीवित मरीज विनोद कुमार की पोस्टमार्टम सूचना (PI) पुलिस को भेज दी। यानी कागजों पर एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया।

फोटो :- up prime news









इस गंभीर चूक का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर हिमांशु मौर्य, नर्सिंग स्टाफ सनी सोनकर और वार्ड आया रहनुमा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जिस समय मृत मरीज की फाइल तैयार की जा रही थी, उसी दौरान वार्ड में एक अन्य मरीज को हार्ट अटैक आने की सूचना मिली। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इसी अफरा-तफरी और काम के दबाव के बीच डॉक्टर और स्टाफ से यह मानवीय भूल हुई। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खबर का बैकग्राउंड:

हैलट अस्पताल कानपुर का एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है जहाँ मरीजों का भारी दबाव रहता है। यह घटना तब हुई जब वार्ड नंबर 12 में एक अज्ञात व्यक्ति की मृत्यु के बाद कानूनी कागजी कार्रवाई की जा रही थी। गलत पहचान के कारण एक जीवित मरीज का नाम पुलिस रिकॉर्ड में 'मृत' के तौर पर दर्ज होने की स्थिति पैदा हो गई थी।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस तरह की लापरवाही से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा कम होता है। कागजों पर जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करने से न केवल मरीज के परिवार को मानसिक आघात पहुँचता है, बल्कि भविष्य में संबंधित व्यक्ति को अपनी पहचान और जीवित होने का प्रमाण देने के लिए कानूनी जटिलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

UP Prime News एनालिसिस:

यह घटना चिकित्सा क्षेत्र में उच्च कार्यबल दबाव और प्रोटोकॉल के पालन में कमी को दर्शाती है। हालांकि प्रशासन ने तुरंत निलंबन की कार्रवाई की है, लेकिन ऐसी गलतियों को रोकने के लिए 'डबल-चेक' सिस्टम की सख्त जरूरत है।

कानपुर | UP Prime News

Published: 29 दिसंबर 2025 | 02:31 PM IST

By UP Prime News Desk

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