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गाजीपुर ट्रिपल मर्डर: ड्रोन और जनरेटर की मदद से मिला तीसरे युवक का शव, लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

 गाजीपुर (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर कोतवाली क्षेत्र में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड के पांचवें दिन पुलिस को तीसरे लापता युवक, अंकित सिंह का शव बरामद करने में सफलता मिली है। अंकित, विक्की सिंह और सौरभ सिंह 24 दिसंबर की रात एक जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे, तभी गांव के दूसरे गुट से हुई हिंसक झड़प में तीनों की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए तीनों दोस्तों के शवों को 10 बीघा में फैली एक बड़ी पोखरी (तालाब) में फेंक दिया था। विक्की और सौरभ के शव पहले ही मिल चुके थे, लेकिन अंकित का पता नहीं चल पा रहा था।

तिहरे हत्याकांड फोटो :- up prime news 







शव की तलाश के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाया। एसपी डॉ. ईरज राजा के निर्देश पर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया। तालाब बड़ा होने के कारण जनरेटर मंगवाकर उसका पानी खाली कराया गया और ड्रोन कैमरों के जरिए स्कैनिंग की गई। आखिरकार पांचवें दिन अंकित का शव भी उसी स्थान से बरामद हुआ। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में गहमर थाने के एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक अन्य इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया है। फिलहाल हत्याकांड के आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

खबर का बैकग्राउंड:
इस खूनी वारदात की जड़ें सितंबर महीने में हुए एक पुराने विवाद से जुड़ी हैं। उस समय भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था और एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि यदि पुलिस ने उस समय कड़ी कार्रवाई की होती, तो आज यह तिहरा हत्याकांड नहीं होता। पुरानी रंजिश ने ही इस भयावह घटना का रूप ले लिया।

पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना से स्थानीय जनता में कानून-व्यवस्था को लेकर गहरा रोष और असुरक्षा का भाव है। तीन नौजवानों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई से जनता के बीच यह संदेश गया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी ही क्षेत्र में शांति बहाल कर सकती है।

UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस की ढिलाई कैसे बड़े अपराधों को जन्म देती है। तकनीक का उपयोग कर शव बरामद करना पुलिस की सक्रियता दिखाता है, लेकिन अपराध को समय रहते रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए थी।

गाजीपुर | UP Prime News
Published: December 30, 2025 | 12:47 PM IST
By UP Prime News Desk

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