कानपुर में ₹1500 करोड़ की महाठगी: ईडी ने रवींद्रनाथ सोनी पर कसा शिकंजा, बॉलीवुड सितारों से भी जुड़े तार
कानपुर: निवेश के नाम पर करोड़ों का चूना लगाने वाले 'महाठग' रवींद्रनाथ सोनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का नया केस दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है।
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| रवींद्रनाथ सोनी फोटो :-up prime news |
ठगी का पूरा जाल: 3% मुनाफे का लालच
दिल्ली के मालवीय नगर का रहने वाला रवींद्रनाथ सोनी अपनी 'ब्लूचिप' कंपनी के जरिए लोगों को ठगता था। वह निवेशकों को हर महीने 3 प्रतिशत (सालाना 36%) मुनाफा देने का झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई निवेश करवाता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोनी ने अब तक करीब 700 से ज्यादा लोगों से 1500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
ED की एंट्री और बॉलीवुड कनेक्शन
कानपुर पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ठग रवींद्रनाथ सोनी के खातों से मशहूर फिल्म अभिनेता सोनू सूद के साथ लेनदेन की पुष्टि हुई है। इतना ही नहीं, सोनी खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए बड़े बॉलीवुड सितारों के साथ कार्यक्रम आयोजित करता था ताकि निवेशकों का भरोसा जीत सके। अब ईडी इन फिल्मी सितारों और सोनी के बीच हुए वित्तीय संबंधों की भी गहराई से पड़ताल करेगी।
अपनों को भी नहीं बख्शा
सोनी ने न केवल आम जनता, बल्कि अपनी ही कंपनी के कर्मचारियों को भी निशाना बनाया। लखनऊ निवासी रिलेशनशिप मैनेजर नेहा सक्सेना से 17 लाख रुपये और दुबई में रहने वाले एनआरआई संदीप पांडेय से 6.50 करोड़ रुपये की ठगी की गई। जब इन लोगों ने अपना पैसा वापस मांगा, तो सोनी उन्हें फर्जी चेक थमा देता था।
अब तक की कार्रवाई
कानपुर पुलिस ने सोनी को कुछ समय पहले देहरादून से गिरफ्तार किया था। ताजा अपडेट के अनुसार, बुधवार को सोनी के खिलाफ दो और नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कुल संख्या 17 हो गई है। पुलिस अब सोनी की दोनों पत्नियों और उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है।
पब्लिक इम्पैक्ट (जनता पर असर):
इस तरह के बड़े घोटालों से बैंकिंग और निजी निवेश स्कीमों पर आम जनता का भरोसा डगमगाता है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपनी जीवन भर की पूंजी खो देना एक गहरा मानसिक और आर्थिक आघात है। यह मामला चेतावनी देता है कि 'अवास्तविक रिटर्न' के वादों से सावधान रहना कितना जरूरी है।
UP Prime News एनालिसिस:
रवींद्रनाथ सोनी का यह मामला केवल एक ठगी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है। जिस तरह से उसने फिल्मी सितारों की चकाचौंध का इस्तेमाल अपने 'ब्रांड' को चमकाने के लिए किया, वह दर्शाता है कि अपराधी अब मनोवैज्ञानिक तरीके से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। ईडी की जांच के बाद इस सिंडिकेट में शामिल कई और सफेदपोश चेहरों से नकाब उतर सकता है।
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