Breaking News

मेरठ में पुलिस कस्टडी में गैंगस्टर विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 गोलियां लगीं; हालत गंभीर

 मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस सुरक्षा के बीच एक कुख्यात अपराधी पर जानलेवा हमला किया गया। रुड़की जेल में बंद मुजफ्फरनगर के गैंगस्टर विनय त्यागी उर्फ टिंकू को जब बुधवार को लक्सर की एक अदालत में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, तभी बीच रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उस पर गोलियों की बौछार कर दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद असलाह लहराते हुए फरार हुए बदमाश







वारदात का विवरण:

यह घटना मेरठ के लक्सर फ्लाईओवर पर हुई। जब पुलिस का वाहन फ्लाईओवर के बीच में ट्रैफिक जाम के कारण रुका, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार नकाबपोश बदमाशों ने गाड़ी को घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगी हैं। हमले के दौरान वाहन में मौजूद दो पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घायल विनय को तुरंत लक्सर सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

कौन है गैंगस्टर विनय त्यागी? (बैकग्राउंड):

मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ी गांव का रहने वाला विनय त्यागी एक हिस्ट्रीशीटर है। उस पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 57 मुकदमे दर्ज हैं। अपराध की दुनिया में उसका नाम पहली बार 1996 में आया था, जब एक प्रेम-प्रसंग के विवाद में उस पर संदीप और प्रदीप की हत्या का आरोप लगा था। इसके अलावा, मेरठ, नोएडा और देहरादून में विवादित संपत्तियों पर कब्जे के मामलों में भी उसका दखल रहा है।

विनय त्यागी attack photo:- up prime news






राजनीतिक रसूख:

अपराध के साथ-साथ विनय त्यागी का राजनीतिक रसूख भी रहा है। उसकी पत्नी पुरकाजी से दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुकी है। विनय ने खुद भी सहारनपुर की देवबंद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिससे पता चलता है कि वह अपराध के साथ सत्ता में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश में था।

ताजा गिरफ्तारी का कारण:

हाल ही में 13 अक्टूबर को देहरादून पुलिस ने उसे और उसके एक साथी हरिओम त्यागी को एक डॉक्टर की गाड़ी से गहने और नकदी चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी मामले और अन्य धोखाधड़ी के केस में वह रुड़की जेल में बंद था।

पब्लिक इम्पैक्ट और कानून व्यवस्था:

दिनदहाड़े और पुलिस हिरासत में इस तरह की फायरिंग ने आम जनता के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। भीड़भाड़ वाले फ्लाईओवर पर हुई इस वारदात से राहगीरों में भी दहशत का माहौल है।

UP Prime News एनालिसिस:

पुलिस कस्टडी में एक हाई-प्रोफाइल हिस्ट्रीशीटर पर हमला सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करता है। पेशी के दौरान जब अपराधी को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाया जाता है, तो रूट की सुरक्षा और खुफिया जानकारी का अभाव ऐसी घटनाओं को जन्म देता है। फिलहाल, पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।


कोई टिप्पणी नहीं