कानपुर: पहली पत्नी की मौत के बाद जेल गया था आरोपी, अब दूसरी पत्नी को तवे से पीटकर मार डाला
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ के रेवना इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी की पहचान संजय कुमार के रूप में हुई है, जिसने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी रोशनी को रसोई के तवे से इस कदर पीटा कि उसकी जान चली गई।
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कैसे हुआ वारदात का खुलासा?
घटना की जानकारी तब हुई जब रोशनी के भाई राहुल ने उसे कई बार फोन किया। फोन न उठने पर राहुल अपनी बहन से मिलने उसके घर पहुँचा। वहाँ गेट पर ताला लटका देख उसे शक हुआ। जब पुलिस की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया, तो अंदर रोशनी का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। राहुल के मुताबिक, उसकी बहन को तवे से बुरी तरह पीटा गया था, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
UP Prime News की जांच में सामने आया कि यह संजय की दूसरी शादी थी। इससे पहले उसकी पहली पत्नी ने प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके आरोप में संजय जेल की सजा भी काट चुका है। करीब एक साल पहले जेल से छूटने के बाद उसने रोशनी से निकाह किया था। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उसने रोशनी को भी प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
चार दिन पहले ही भाई के घर से लाया था वापस
परिजनों ने बताया कि संजय की मारपीट से तंग आकर रोशनी अक्सर अपने भाई के घर चली जाती थी। महज चार दिन पहले ही संजय उसके भाई के पास गया और साथ रहने की मिन्नतें करके उसे वापस लेकर आया था। राहुल ने अपनी बहन के सुखद भविष्य की उम्मीद में उसे भेज दिया, लेकिन उसे क्या पता था कि चार दिन बाद ही उसे अपनी बहन की लाश देखनी पड़ेगी।
पुलिस की कार्रवाई और जन-प्रभाव
इस मामले पर डीसीपी डीएन चौधरी ने बताया कि आरोपी संजय फिलहाल फरार है और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने आरोपी को घर से भागते हुए देखा था।
UP Prime News विश्लेषण:
यह घटना समाज में घरेलू हिंसा के बढ़ते स्तर और अपराधियों में कानून के प्रति डर की कमी को दर्शाती है। पहली पत्नी के मामले में जेल जाने के बावजूद आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार न आना यह बताता है कि ऐसे गंभीर मामलों में काउंसलिंग और कड़ी निगरानी की सख्त जरूरत है। यह समाज के लिए एक चेतावनी है कि शादी जैसे रिश्तों में पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।

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