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महोबा मुठभेड़: पैर में गोली लगने के बाद भी मुस्कुराता रहा 'लुच्ची डॉन', अस्पताल से रील बनाकर पुलिस को दी चुनौती

उत्तर प्रदेश (महोबा):

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर कोतवाली पुलिस ने यशोदा नगर इलाके में घेराबंदी कर शातिर अपराधी वारिस मंसूरी उर्फ 'लुच्ची डॉन' को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मंसूरी उर्फ 'लुच्ची डॉन' photo:-up prime news







पुलिस के अनुसार, एसपी प्रबल प्रताप सिंह के निर्देशन में कोतवाली प्रभारी मनीष पांडे की टीम अपराधियों की तलाश में थी। इसी दौरान लुच्ची डॉन ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो बदमाश के पैर में लगी। पकड़े गए अपराधी के पास से 30 नवंबर को सत्तीपुरा में हुई बड़ी चोरी का गला हुआ सोना, 95 हजार रुपये नकद और एक अवैध तमंचा बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसने अपने साथियों भविष्य सेन और पीयूष राजपूत के साथ मिलकर प्रदीप बादल के घर चोरी की घटना को अंजाम दिया था।

इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला पहलू अपराधी का बेखौफ अंदाज रहा। पैर में गोली लगने और पुलिस हिरासत में होने के बावजूद, अस्पताल के बेड पर बदमाश के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। वह कैमरे के सामने दर्द के बजाय मुस्कुराता रहा और सोशल मीडिया के लिए रील बनवाता नजर आया। अस्पताल में मुस्कुराते हुए सैल्यूट करने वाले इस बदमाश के वीडियो ने अब पुलिसिया खौफ और कानून के डर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खबर का बैकग्राउंड:
वारिस उर्फ लुच्ची डॉन एक शातिर अपराधी है, जिस पर महोबा और बांदा जिले के विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में सत्तीपुरा इलाके में हुई बड़ी चोरी के बाद से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी।


पब्लिक इम्पैक्ट:
अपराधियों द्वारा सरेआम पुलिस को चुनौती देना और रील के माध्यम से अपनी 'बहादुरी' दिखाना समाज में गलत संदेश भेजता है। इससे आम जनता के बीच कानून व्यवस्था के प्रति असुरक्षा का भाव पैदा हो सकता है और युवा पीढ़ी पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की संभावना रहती है।


UP Prime News एनालिसिस:
पुलिस ने एक वांछित अपराधी को पकड़ने में सफलता तो पाई है, लेकिन अपराधियों में कानून के डर का कम होना प्रशासन के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहा है। सोशल मीडिया पर अपराध का महिमामंडन रोकना अब पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।

महोबा | UP Prime News

Published: 29 दिसंबर, 2025 | 01:59 PM IST
By UP Prime News Desk


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