वाराणसी में सनसनी: विवाद सुलझाने पहुंचे 14 वर्षीय छात्र की गोली मारकर हत्या, दो अन्य घायल
वाराणसी (बड़ागांव): उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बड़ागांव थाना क्षेत्र के रसूलपुर दयालपुर गांव में गुरुवार की शाम को बदमाशों ने सरेराह फायरिंग कर 14 साल के एक किशोर की जान ले ली। इस हमले में दो अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
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| समीर सिंह फोटो :- up prime news |
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलपुर गांव के रहने वाले बनारसी सिंह का इकलौता बेटा समीर सिंह (14) शाम करीब 6 बजे चारा काटने वाली मशीन का सामान मरम्मत कराकर घर लौट रहा था। रास्ते में दयालपुर बगीचे के पास उसने देखा कि बाइक सवार कुछ बदमाश गांव के ही रामू यादव (35) और अभिषेक यादव के साथ उलझ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बदमाश बाइक लूटने की कोशिश कर रहे थे। नेकदिली दिखाते हुए समीर बीच-बचाव करने और विवाद सुलझाने के लिए वहां रुक गया। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने असलहा निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सीधे समीर के सीने में जा लगी और वह वहीं गिर पड़ा।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम
समीर कक्षा 10 का छात्र था और अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता बनारसी सिंह खेती-बाड़ी के साथ सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर घर का खर्च चलाते थे। बेटे का शव देखकर परिजनों का बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस घटना में घायल रामू यादव की कमर में गोली लगी है, जबकि अभिषेक को छूते हुए गोली निकल गई। दोनों का उपचार बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
UP Prime News विश्लेषण और प्रभाव
यह घटना दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में बदमाशों के हौसले कितने बुलंद हैं। एक मासूम बच्चा जो सिर्फ झगड़ा शांत कराने गया था, उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की लूट और हत्या की घटनाएं आम जनता के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह जल्द से जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजे ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके।

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