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यूपी विधानसभा में गरजे सीएम योगी: बोले- 'भजन के लिए नहीं बैठे, गुंडों की हेकड़ी सुधारना ही सरकार का काम'

 UP Prime News: विशेष रिपोर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने रौद्र रूप में नजर आए। सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल सत्ता सुख भोगना नहीं, बल्कि प्रदेश से अपराधियों का सफाया करना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फोटो :- up prime news









'भजन के लिए मठ काफी हैं'

सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा, "हम यहाँ केवल भजन करने के लिए नहीं बैठे हैं। भजन करने के लिए हमारे पास पर्याप्त मठ हैं। सदन में हम इसलिए बैठे हैं ताकि जो लोग जनता को अपनी हेकड़ी दिखाते हैं, उनकी हेकड़ी को सही ठिकाने लगाया जा सके।" उन्होंने गीता के श्लोक 'परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्' का हवाला देते हुए कहा कि सज्जनों की रक्षा और दुष्टों का विनाश करना ही उनके पद की शपथ और सरकार का धर्म है।

भर्ती प्रक्रिया और विपक्ष पर तीखा प्रहार

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार की नियुक्ति को लेकर उठाए गए सवालों पर योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की सरलता की तारीफ तो की, लेकिन शिवपाल सिंह यादव पर निशाना साधने से नहीं चूके। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले नियुक्तियों में केवल भाई-भतीजावाद चलता था और योग्यता को दरकिनार किया जाता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शिवपाल जी तो नियुक्तियों में गड़बड़ी के 'मास्टर' रहे हैं।

नकल माफिया और अवैध कब्जे पर चेतावनी

मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश में बड़े माफियाओं की कमर तोड़ी गई है, उसी तरह 'नकल माफिया' का भी अंत किया जाएगा। उन्होंने सरकारी और आबादी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर कोई माफिया सार्वजनिक जमीन पर मॉल बनाएगा या अवैध वसूली का अड्डा चलाएगा, तो उस पर बुलडोजर चलने से कोई नहीं रोक सकता। कानून का राज ही सर्वोपरि है।"

पब्लिक इम्पैक्ट (जनता पर असर):

मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव मजबूत होगा, विशेषकर उन युवाओं के बीच जो पारदर्शी भर्ती परीक्षा की उम्मीद रखते हैं। भू-माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर वाली कार्रवाई का जिक्र फिर से यह संकेत देता है कि सरकार आने वाले समय में अवैध संपत्तियों पर और भी सख्त कदम उठाएगी।

पत्रकारिता विश्लेषण:

सीएम योगी का यह संबोधन केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनके 'सख्त प्रशासक' वाली छवि को और पुख्ता करने का प्रयास है। विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रशासनिक नियुक्तियों के सवालों को उन्होंने चतुराई से कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के पुराने रिकॉर्ड्स की ओर मोड़ दिया, जिससे सदन में विपक्ष रक्षात्मक मुद्रा में नजर आया।


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