Agra News: फेसबुक फ्रेंड से मिलने आए मुंबई के कारोबारी के साथ बड़ा कांड,समलैंगिक संबंधों और ब्लैकमेलिंग का केस निकला ,हनीट्रैप और वसूली का खुलासा
आगरा (उत्तर प्रदेश):
ताजनगरी आगरा में एक मुंबई के साड़ी व्यापारी के साथ सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शुरुआत में जिसे अपहरण का मामला समझा जा रहा था, पुलिस जांच में वह ऑनलाइन दोस्ती, समलैंगिक संबंधों और ब्लैकमेलिंग का केस निकला। मुंबई के संगम अपार्टमेंट निवासी एक व्यापारी अपने फेसबुक दोस्त से मिलने आगरा आए थे, जहां उनके साथ मारपीट और लाखों की लूट की गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से मामले का पर्दाफाश किया और मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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| मुंबई के साड़ी व्यापारी फोटो :-up prime news |
घटनाक्रम के अनुसार, मुंबई का साड़ी व्यापारी 6 जनवरी को आगरा पहुंचा था। बुधवार को वह रामबाग चौराहे पर अपने फेसबुक मित्र, हाथरस निवासी रामेश्वर से मिलने गया। पुलिस जांच में सामने आया कि व्यापारी अपनी मर्जी से रामेश्वर की नीले रंग की कार में बैठा था। दोनों कार से हाथरस की ओर गए। आरोप है कि रास्ते में कार के भीतर कुछ निजी पल बिताने के दौरान रामेश्वर ने व्यापारी का वीडियो बना लिया और विवाद शुरू हो गया। इसके बाद रामेश्वर ने अपने साथियों को बुलाकर व्यापारी को खेत में ले जाकर पीटा, जान से मारने की धमकी दी और 1.20 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। साथ ही जेब में रखे 850 रुपये भी लूट लिए।
पुलिस उपायुक्त (DCP) सिटी ने बताया कि व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने पहले अपहरण की सूचना दी थी। लेकिन, जब पुलिस ने रामबाग चौराहे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो व्यापारी संदिग्ध कार में सामान्य रूप से बैठते नजर आए। मोबाइल नंबर ट्रेस करने पर लोकेशन हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र में मिली। पुलिस ने दबिश देकर रामेश्वर (जो 12वीं पास है) और उसके साथी अभिषेक चौधरी, पारस, पिंटू और रितिक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि कार में व्यापारी द्वारा कपड़े उतारने और समलैंगिक संबंध बनाने की कोशिश के दौरान उसे गुस्सा आया, जिसके बाद उसने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
खबर का बैकग्राउंड:
व्यापारी ने शुरू में पुलिस को बताया था कि उसे रामबाग से अगवा कर लिया गया था, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच में कहानी पलट गई। यह मामला सोशल मीडिया पर बनी अनजान दोस्ती के भरोसे सफर करने और फिर ब्लैकमेलिंग का शिकार होने का है। पीड़ित व्यापारी किसी तरह जान बचाकर वापस लौटा था।
पब्लिक इम्पैक्ट:
यह घटना सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और बिना पूरी जानकारी के उनसे मिलने के खतरों को उजागर करती है। आम जनता के लिए यह एक सतर्क करने वाला मामला है कि डिजिटल दुनिया की दोस्ती पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, अन्यथा वे ठगी, हनीट्रैप या जानलेवा हमले का शिकार हो सकते हैं।
UP Prime News एनालिसिस:
आगरा पुलिस ने सीसीटीवी और सर्विलांस का सही उपयोग कर एक जटिल दिख रहे मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया, जो सराहनीय है। हालांकि, यह घटना समाज में बढ़ रहे अनैतिक संबंधों और सोशल मीडिया के जरिए हो रहे अपराधों की गंभीर तस्वीर भी पेश करती है।
[AGRA] | UP Prime News
Published: January 09, 2026 | 07:04 AM IST
By UP Prime News Desk

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