अलीगढ़: पाकिस्तान की जेल में बेटे ने कबूला इस्लाम, रिहाई और जुर्माने को लेकर माता-पिता ने खटखटाया प्रशासन का दरवाजा
अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय युवक बादल बाबू के माता-पिता ने अपने बेटे की वतन वापसी के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। बरला क्षेत्र के खिटकारी गांव निवासी बादल के माता-पिता सोमवार को एडीएम सिटी (ADM City) किंशुक श्रीवास्तव के कार्यालय पहुंचे। परिजनों का कहना है कि बादल की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन 5 हजार रुपये का जुर्माना न भर पाने के कारण उसकी रिहाई नहीं हो पा रही है। परिजन यह जुर्माना भरने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें पाकिस्तान पैसे भेजने का कोई कानूनी रास्ता नहीं मिल रहा है।
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| युवक बादल फोटो :-up prime news |
इस मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब बादल के पाकिस्तान में इस्लाम धर्म कबूल करने की खबर मिली। पाकिस्तान में बादल का केस लड़ रहे वकील फियाज रामे ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि बादल ने लाहौर जेल में इस्लाम कबूल कर लिया है और उसने नमाज भी पढ़ी है। वकील के मुताबिक, बादल अब पाकिस्तान में ही रहना चाहता है और उसने भारत लौटने से इनकार किया है। हालांकि, पाकिस्तानी कानूनों के तहत सजा पूरी होने के बाद विदेशी कैदी को डिपोर्ट करना अनिवार्य होता है, इसलिए उसका वहां रुकना संभव नहीं है।
बेटे की इस स्थिति से परेशान पिता कृपाल सिंह और मां ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मदद मांगने का निर्णय लिया है। एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि प्रशासन इस संबंध में दूतावास से संपर्क करेगा और जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी, उसे पूरा कर मदद की जाएगी।
खबर का बैकग्राउंड:
बादल बाबू फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवती के प्रेम जाल में फंसकर 27 दिसंबर 2024 को अवैध रूप से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया और 30 अप्रैल को उसे एक साल की कैद की सजा सुनाई गई। फिलहाल वह लाहौर जेल में बंद है और अपनी सजा की अवधि पूरी करने के बाद अतिरिक्त सजा (जुर्माना न भरने के कारण) काट रहा है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
यह घटना सोशल मीडिया पर होने वाली दोस्ती और ऑनलाइन रिश्तों को लेकर आम जनता, विशेषकर युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे आवेश में उठाए गए कदम न केवल व्यक्ति को कानूनी पचड़ों में फंसा सकते हैं, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक और आर्थिक संकट में डाल देते हैं। साथ ही, यह दो देशों के बीच कानूनी पेचीदगियों की जटिलता को भी उजागर करता है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला केवल एक युवक की रिहाई का नहीं, बल्कि कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रियाओं का भी है। भले ही युवक ने धर्म परिवर्तन कर वहां रहने की इच्छा जताई हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत उसे भारत वापस भेजा जाना तय प्रक्रिया है। अब देखना यह होगा कि भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद जुर्माने की राशि जमा करने और उसे वापस लाने में कितनी तेजी आती है।
अलीगढ़ (UP) | UP Prime News
Published: January 06, 2026 | 06:22 AM IST
By UP Prime News Desk

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