गोरखपुर: रिटायर्ड लेखपाल के घर कूरियर बॉय बनकर आए बदमाश, बच्चों के सिर पर तानी पिस्टल, 50 लाख की डकैती
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश):
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के रजही इलाके में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ बदमाशों ने एक रिटायर्ड लेखपाल के घर पर धावा बोलकर करीब 50 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया। घटना शाम करीब 6:30 बजे की है, जब दो बाइक पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने घर की घंटी बजाई। जैसे ही रिटायर्ड लेखपाल बालेन्द्र सिंह ने दरवाजा खोला, बदमाशों ने कूरियर या दूधवाला होने का झांसा देकर उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया।
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| रिटायर्ड लेखपाल बालेन्द्र सिंह फोटो :- up prime news |
बदमाशों ने घर में घुसते ही बालेन्द्र सिंह के सिर पर पिस्टल की बट से हमला कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया। इसके बाद लुटेरों ने घर में मौजूद सभी सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया। घर में उस वक्त बालेन्द्र सिंह के अलावा उनकी पत्नी ऊषा सिंह, भाई तेज बहादुर सिंह, उनकी पत्नी, बहू और दो बच्चे मौजूद थे। बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए बच्चों और महिलाओं पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी देकर अलमारियों की चाबियां छीन लीं।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, बदमाश करीब 45 मिनट तक घर में तांडव मचाते रहे। उन्होंने घर से नकद और कीमती गहने समेत 50 लाख रुपये से अधिक का सामान लूट लिया। वारदात के दौरान बदमाश बार-बार 'सीमेंट की दुकान के 50 लाख रुपये' के बारे में पूछते रहे। दरअसल, बालेन्द्र सिंह के चचेरे भाई की घर से 100 मीटर दूर सीमेंट और बालू की दुकान है। आशंका जताई जा रही है कि किसी मुखबिर ने बदमाशों को यह गलत सूचना दी थी कि दुकान का कैश लेखपाल के घर पर रखा है, जबकि लेखपाल का उस व्यवसाय से कोई सीधा संबंध नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी अभिनव त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। एसपी सिटी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
खबर का बैकग्राउंड:
रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और बुजुर्गों को निशाना बनाने की घटनाएं अक्सर रेकी (Recce) का परिणाम होती हैं। इस मामले में भी बदमाशों को परिवार की स्थिति और पड़ोस में चल रहे कारोबार की जानकारी थी, जिससे यह साफ होता है कि वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई गई थी और इसमें किसी करीबी या जानकार की मुखबिरी हो सकती है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने शहर के पॉश इलाकों और कॉलोनियों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कूरियर या डिलीवरी बॉय बनकर घर में घुसने के ट्रेंड से आम जनता में डर का माहौल है। लोग अब दरवाजा खोलने से कतरा रहे हैं। यह घटना पुलिस पेट्रोलिंग और रिहायशी इलाकों में बाहरी लोगों के वेरिफिकेशन की सख्त जरूरत को रेखांकित करती है।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रथम दृष्टया यह मामला 'मुखबिरी' और 'गलत पहचान' (Mistaken Identity of Cash Location) का प्रतीत होता है। बदमाशों का बार-बार सीमेंट दुकान के कैश के बारे में पूछना पुलिस के लिए एक बड़ा सुराग साबित हो सकता है। पुलिस को जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़कर जनता का भरोसा बहाल करना होगा।
गोरखपुर | UP Prime News
Published: January 06, 2026 | 06:07 AM IST
By UP Prime News Desk

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