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गोरखपुर की 'लेडी डॉन' अंशिका सिंह गिरफ्तार: हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए 150 लोगों को बनाया शिकार

  गोरखपुर उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने 'लेडी डॉन' के नाम से चर्चित अंशिका सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अंशिका पर आरोप है कि वह पिछले पांच सालों से हनीट्रैप, सेक्स रैकेट और ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा नेटवर्क चला रही थी। जांच में सामने आया है कि उसने अब तक करीब 150 लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूली है। चौंकाने वाली बात यह है कि उसके इस गिरोह के शिकार होने वालों में आम नागरिकों के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी अंशिका सिंह और बरामद हथियार।
लेडी डॉन' के नाम से चर्चित अंशिका सिंह को गिरफ्तार 









पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई जब 20 जनवरी को एक बर्थडे पार्टी के दौरान रंगदारी मांगने और फायरिंग की घटना हुई। आरोपी अंशिका ने एक प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर पर पिस्टल तान दी थी, जिसमें बीच-बचाव के दौरान मैनेजर के दोस्त को गोली लग गई थी। पुलिस ने जब अंशिका का मोबाइल खंगाला, तो उसमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग्स मिलीं। वह निर्दोष लोगों को वीडियो कॉल के जरिए जाल में फंसाती थी और फिर उन वीडियो को रिकॉर्ड कर रेप या पॉक्सो एक्ट के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठती थी।

अंशिका सिंह मूल रूप से गोरखपुर के हरपुर बुदहट क्षेत्र की रहने वाली है और सोशल मीडिया पर रील बनाने की शौकीन थी। उसने इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्म पर 700 से ज्यादा वीडियो पोस्ट किए थे, जिनका इस्तेमाल वह लोगों को आकर्षित करने के लिए करती थी। पुलिस ने उसके पास से एक लग्जरी थार गाड़ी भी बरामद की है, जो दिल्ली से किराए पर ली गई थी और उस पर हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और संलिप्त अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

खबर का बैकग्राउंड:

अंशिका सिंह पहले संत कबीर नगर के खलीलाबाद में किराए पर रहती थी, जहां से उसने यह अवैध काम शुरू किया था। मकान मालकिन द्वारा विरोध करने पर उसने वहां भी विवाद खड़ा कर दिया था। पिता की मृत्यु के बाद वह अपने परिवार से अलग होकर इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में पूरी तरह लिप्त हो गई थी।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना ने डिजिटल युग में हनीट्रैप और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों के प्रति जनता को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग कानूनी प्रावधानों (जैसे रेप और पॉक्सो एक्ट) का गलत इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को डराते हैं।

UP Prime News एनालिसिस:

यह मामला पुलिस प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती है। अपराधियों द्वारा पुलिसकर्मियों को ही अपने जाल में फंसा लेना सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, जिसकी गहराई से जांच आवश्यक है।

गोरखपुर | UP Prime News

Published: 24 जनवरी 2025 | 06:36 PM IST

By UP Prime News Desk








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