KGMU लखनऊ में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई, 5 मजारों को हटाने के नोटिस से मचा हड़कंप
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने परिसर में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने की तैयारी पूरी कर ली है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के कड़े निर्देशों के बाद, संस्थान ने ट्रॉमा सेंटर, क्वीन मेरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स और नेत्र रोग विभाग के पीछे स्थित पांच मजारों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन ढांचों को नहीं हटाया गया, तो संस्थान स्वयं कार्रवाई करेगा और इसका खर्च भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा।
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| KGMU फोटो : up prime news |
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, केजीएमयू में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण संस्थान का विस्तार करना अनिवार्य हो गया है। परिसर में मौजूद इन अवैध निर्माणों की वजह से पार्किंग की समस्या पैदा हो रही है और एम्बुलेंस व मरीजों के आवागमन में बाधा आ रही है। मजारों के अलावा, डेंटल भवन के सामने स्थित करीब आधा दर्जन दुकानों को भी खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को दिन भर परिसर में गहमागहमी बनी रही और मजारों की देखभाल करने वाले खादिम व मुतवल्ली इस फैसले से सकते में हैं।
प्रशासनिक स्तर पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल मुस्तैद कर दिया गया है। वहीं, नोटिस जारी होने के बाद मजारों पर जायरीनों (दर्शनार्थियों) की भीड़ में भी अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। कुलपति ने साफ किया है कि मरीजों के इलाज में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चलाया जा रहा है।
खबर का बैकग्राउंड:
केजीएमयू प्रशासन पिछले लगभग दो वर्षों से इन अवैध कब्जों को हटाने का प्रयास कर रहा है। हाल ही में धर्मांतरण से जुड़े एक प्रकरण के सामने आने के बाद संस्थान ने इस कार्रवाई को और तेज कर दिया है। चिकित्सा विश्वविद्यालय अपनी भूमि का उपयोग नए वार्डों और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार के लिए करना चाहता है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस कार्रवाई से केजीएमयू में इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों और उनके तीमारदारों को सीधा लाभ मिलेगा। अतिक्रमण हटने से परिसर में एम्बुलेंस का रास्ता साफ होगा और पार्किंग की समस्या दूर होगी। हालांकि, धार्मिक स्थलों से जुड़ा मामला होने के कारण स्थानीय स्तर पर इसका मिश्रित प्रभाव देखा जा रहा है।
UP Prime News एनालिसिस:
केजीएमयू का यह कदम पूर्णतः प्रशासनिक और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित है। अस्पताल की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण मरीजों के हित में नहीं है, इसलिए प्रशासन द्वारा कानून के दायरे में रहकर की जा रही यह कार्रवाई विकास के लिए आवश्यक है।
LUCKNOW | UP Prime News
Published: January 25, 2026 | 09:34 AM IST
By UP Prime News Desk

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