बांदा: संपत्ति विवाद और चाची के तानों से आहत होकर भाई-बहन ने दी जान, नदी किनारे मिले शव
उत्तर प्रदेश (बांदा):
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर में रहने वाले सगे भाई-बहन ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतकों की पहचान 30 वर्षीय आनंद प्रकाश उर्फ सोम गुप्ता और 34 वर्षीय चंचल उर्फ सुब्रता गुप्ता के रूप में हुई है। सोमवार की दोपहर दोनों घर से स्कूटी पर निकले थे, जिसके बाद उनके शव घर से करीब चार किलोमीटर दूर बागै नदी के किनारे बरामद किए गए। पुलिस को घटनास्थल से जहर के पाउच और एक स्कूटी भी मिली है।
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| मृतक फोटो : up prime news |
इस दुखद कदम के पीछे का मुख्य कारण लंबे समय से चल रहा पैतृक संपत्ति का विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मृतकों के पिता प्रकाशचंद्र उर्फ मिठाई लाल का अपने सबसे छोटे भाई सुभाषचंद्र की पत्नी सुधा गुप्ता से विवाद चल रहा था। सुधा ने साल 2015 में न्यायालय में पैतृक संपत्ति और गुजारा भत्ते को लेकर मुकदमा दायर किया था। 19 जनवरी को अदालत ने सुधा के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसमें उसे जेवर के एक लाख रुपये, दुकान का किराया तीन लाख रुपये और दो हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था।
परिजनों के अनुसार, रविवार की रात चाची सुधा गुप्ता घर आई थी और अपना हक मांगते हुए बच्चों के साथ विवाद किया। आरोप है कि विवाद के दौरान सुधा ने ताना मारते हुए कहा कि "यदि हिस्सा या रुपये नहीं दे सकते, तो जहर खाकर मर जाओ।" इसी बात से क्षुब्ध होकर भाई-बहन ने सोमवार को यह आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतकों के पिता ने बताया कि सुब्रता की शादी इसी साल जून-नवंबर में कानपुर में होनी तय हुई थी, वहीं सोम घर की दुकान संभालता था। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
खबर का बैकग्राउंड:
यह विवाद साल 2010 से शुरू हुआ था जब सबसे छोटे भाई सुभाषचंद्र ने अपने हिस्से का मकान और दुकान प्रकाशचंद्र के बेटों के नाम 3.40 लाख रुपये में रजिस्ट्री कर दी थी। सुभाषचंद्र की पत्नी सुधा 2010 से ही अलग रह रही थी और उसने इस रजिस्ट्री के खिलाफ और अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई शुरू की थी, जिसका हाल ही में फैसला आया था।
पब्लिक इम्पैक्ट:
पारिवारिक संपत्ति विवादों का समाधान यदि आपसी संवाद से न हो, तो वे गंभीर मानसिक तनाव और ऐसे आत्मघाती कदमों का कारण बन जाते हैं। यह घटना समाज को संदेश देती है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ परिवार में संवेदनशीलता और संवाद की कमी बड़े हादसों को जन्म दे सकती है।
UP Prime News एनालिसिस:
संपत्ति विवादों में कानूनी जीत के बाद भी कटुता और उकसावे वाली भाषा अक्सर बड़े पारिवारिक नुकसान का कारण बनती है। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में कितनी सत्यता है।
बांदा | UP Prime News
Published: 28 Jan 2026 | 10:57 AM IST
By UP Prime News Desk

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