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गाजियाबाद में गहराया जल संकट: 26 इलाकों के पानी में मिला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

 गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों से लिए गए पीने के पानी के नमूनों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आर.के. गुप्ता के अनुसार, जिले के अलग-अलग स्थानों से कुल 320 पेयजल नमूने एकत्र किए गए थे, जिनमें से 26 स्थानों के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। इन दूषित नमूनों में मुख्य रूप से 'ई-कोलाई' (E. Coli) बैक्टीरिया पाया गया है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है।

पानी सांकेतिक फोटो :- up prime news








एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शिवि अग्रवाल ने प्रभावित इलाकों की सूची साझा करते हुए बताया कि लोनी के राजीव गार्डन, संगम गार्डन और राजीव चौक के अलावा मोदीनगर के बेगमाबाद स्थित सार्वजनिक वाटर कूलर और देवेंद्रपुरी के हैंडपंप का पानी दूषित मिला है। इसके साथ ही फाफरना बस्ती, मदनपुरा, सिद्धार्थ विहार (हैंडपंप और लाल क्वार्टर), खैरातीनगर की लट्ठमार कॉलोनी और नंदग्राम के ई व एफ ब्लॉक के हैंडपंपों का पानी भी पीने योग्य नहीं पाया गया है। विभाग ने विजय नगर स्थित गुप्ताजी का ढाबा, कृष्णा नगर की गली नंबर-3, शालीमार गार्डन के जनकपुरी वाटर प्लांट, कोटगांव आर्यनगर की खाने-पीने की दुकानों और प्रहलाद गढ़ी के कई घरों से लिए गए नमूनों को भी असुरक्षित घोषित किया है।

स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी के स्रोतों की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध स्रोत का पानी पीने से बचें। विभाग वर्तमान में जल स्रोतों के शुद्धिकरण और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।

खबर का बैकग्राउंड:

हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के सेवन से कई लोगों की मृत्यु और बीमार होने की दुखद घटनाएं सामने आई थीं। इसी को देखते हुए गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन शहर भर में पेयजल की गुणवत्ता की जांच का अभियान चलाया था, जिसमें यह गंभीर स्थिति उभरकर आई है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी सीधे तौर पर डायरिया, पेचिश और पेट से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों को निमंत्रण देती है। इन 26 प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली एक बड़ी आबादी अब जलजनित रोगों के खतरे की जद में है। स्थानीय निवासियों को अब पानी उबालकर पीने या विश्वसनीय वाटर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है, जिससे उनके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है।

UP Prime News एनालिसिस:

शहरी क्षेत्रों में हैंडपंप और सार्वजनिक वाटर कूलर जैसे स्रोतों का दूषित होना स्थानीय प्रशासन और जल प्रबंधन तंत्र की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है। समय रहते की गई यह जांच एक बड़े स्वास्थ्य संकट को टालने में मददगार साबित हो सकती है, बशर्ते प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत वैकल्पिक सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

गाजियाबाद | UP Prime News

Published: 13 Jan 2026 | 06:10 AM IST

By UP Prime News Desk

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