प्रयागराज माघ मेला: मकर संक्रांति पर 2 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी, 24 घाटों पर होगा संगम स्नान
उत्तर प्रदेश (प्रयागराज):
तीर्थराज प्रयागराज में आगामी 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ने वाला है। मेला प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष संगम के पावन तट पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम क्षेत्र, अरैल और झूंसी में कुल 24 घाट तैयार किए गए हैं।
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| प्रयागराज माघ मेला फोटो :- up prime news |
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस बार स्नान घाटों की लंबाई में बड़ा विस्तार किया गया है। जहां साल 2024 में घाटों की लंबाई केवल दो किलोमीटर थी, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 3.69 किलोमीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 106.24 किलोमीटर लंबी चेकर्ड प्लेट की सड़कें बनाई गई हैं। प्रशासन की योजना है कि श्रद्धालु जिस दिशा से आएं, उन्हें उनके सबसे नजदीकी घाट पर ही सुरक्षित स्नान की सुविधा मिल सके।
विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख घाटों की सूची भी जारी कर दी गई है। अरैल क्षेत्र में पक्का घाट, सेल्फी पॉइंट और महाकाल आरती घाट प्रमुख हैं, जबकि झूंसी क्षेत्र में संगम लोअर घाट और एरावत घाट जैसे स्थान शामिल हैं। वहीं, परेड संगम क्षेत्र में संगम नोज, रामघाट और दशाश्वमेध घाट सहित कई अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम किए गए हैं। आध्यात्मिक शिविरों की रौनक भी बढ़ने लगी है, जहाँ तीर्थ पुरोहितों और विभिन्न अखाड़ों के शिविर सज चुके हैं।
खबर का बैकग्राउंड:
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य के राशि परिवर्तन में हर साल 20 मिनट का विलंब होता है, जिससे हर 72 साल में एक दिन का अंतर आ जाता है। साल 1864 से 1936 तक यह पर्व 13 जनवरी को मनाया जाता था, जो अब 15 जनवरी हो चुका है। खगोलीय स्थिति के अनुसार, अब साल 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी, जिसके बाद यह 16 जनवरी को खिसक जाएगी।
पब्लिक इम्पैक्ट:
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने कुछ विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। मकर संक्रांति के पुण्य काल के दौरान भक्तों से नशे और तामसिक भोजन से दूर रहने की अपील की गई है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में पेड़ों की कटाई न करने और पत्तियों को न तोड़ने का सुझाव दिया गया है। घाटों की लंबाई बढ़ने से श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान कम भीड़भाड़ का सामना करना पड़ेगा और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रहेगी।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रयागराज माघ मेले में घाटों का विस्तार और 2 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान यह दर्शाता है कि धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों की आस्था और सरकार का बुनियादी ढांचा दोनों मजबूत हुए हैं। खगोलीय आधार पर तारीखों का यह बदलाव वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तालमेल का एक सटीक उदाहरण है।
[प्रयागराज] | UP Prime News
Published: 13 Jan 2026 | 06:20 AM IST
By UP Prime News Desk

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