संभल में 'लुटेरी दुल्हनों' का आतंक: धर्म छिपाकर की चार शादियां, जेवर और नकदी लेकर तीन फरार
संभल [उत्तर प्रदेश]:
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के पतरौआ गांव में 'लुटेरी दुल्हनों' के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल से आई युवतियों ने एक संगठित नेटवर्क के जरिए गांव के चार अलग-अलग परिवारों में शादियां कीं। शादियों के कुछ ही दिनों बाद तीन दुल्हनें घर से भारी मात्रा में जेवर और नकदी लेकर फरार हो गईं। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब चौथी दुल्हन सामान समेटकर भागने की तैयारी कर रही थी, लेकिन परिजनों ने उसे मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
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| फोटो : UP prime news |
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पकड़ी गई दुल्हन, जिसे शादी के समय 'पूजा' बताया गया था, उसके पास से मिले आधार कार्ड पर उसका असली नाम 'आयशा खातून' दर्ज है और वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। पीड़ितों का आरोप है कि इन युवतियों ने अपनी धार्मिक पहचान और नाम छिपाकर हिंदू रीति-रिवाजों से शादियां की थीं। परिजनों को तब शक हुआ जब 'पूजा' फोन पर बातचीत के दौरान 'नमस्ते' की जगह 'सलाम वालेकुम' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने लगी।
इस पूरे मामले के पीछे 'काजल' नाम की एक मैरिज ब्रोकर का नाम सामने आया है। काजल ने ही इन लड़कियों को बंगाल से लाकर गांव के युवकों से मिलवाया था और शादियां कराने के बदले हर परिवार से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले थे। पुलिस के अनुसार, फरार हुई दुल्हनें (आरती व अन्य) अपने साथ लाखों के सोने-चांदी के जेवर और हजारों की नगदी ले गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और ब्रोकर काजल की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
खबर का बैकग्राउंड:
यह धोखाधड़ी तब शुरू हुई जब गांव के एक परिवार की मुलाकात बदायूं के एक कार्यक्रम में काजल से हुई। काजल ने शादी के लिए कई लड़कियों की फोटो दिखाकर परिवारों को भरोसे में लिया। दिसंबर से जनवरी के बीच एक के बाद एक चार शादियां कराई गईं। गिरोह ने पूरी योजना के साथ पहले विश्वास जीता और फिर लूट को अंजाम दिया।
पब्लिक इम्पैक्ट:
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बिचौलियों या अनजान मैरिज ब्रोकर के माध्यम से शादी तय करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है। यह मामला दर्शाता है कि बिना किसी ठोस कानूनी पहचान और स्थानीय सत्यापन (Verification) के वैवाहिक संबंध जोड़ना आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बन सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला अंतर-राज्यीय मानव तस्करी और संगठित धोखाधड़ी का एक गंभीर उदाहरण है। इसमें न केवल आर्थिक लूट हुई, बल्कि धार्मिक पहचान छिपाकर सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई है। ऐसे मामलों में पुलिस को ब्रोकर नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना अनिवार्य है।
संभल | UP Prime News
Published: 23 जनवरी 2026 | 09:09 PM IST
By UP Prime News Desk

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