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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: कम समय के डिप्लोमा कोर्स दिलाएंगे बेहतर प्लेसमेंट, जून से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया

  आगरा उत्तर प्रदेश:

आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय अब छात्रों को पारंपरिक डिग्री के साथ-साथ कम अवधि के रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय में एक से तीन साल तक के विभिन्न डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जो छात्रों को कम समय में ही कॉर्पोरेट जगत और सरकारी नौकरियों के लिए तैयार कर रहे हैं। इन कोर्सेज के माध्यम से छात्र विदेशी भाषाओं, आपदा प्रबंधन और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर बड़ी कंपनियों में बेहतर प्लेसमेंट पा रहे हैं।

आगरा विश्वविद्यालय डिप्लोमा कोर्स दाखिला
सांकेतिक फोटो : up prime news






विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी संस्थान (KMI) में फ्रेंच, रूसी और जर्मन भाषा के डिप्लोमा कोर्स छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर के अनुसार, यहाँ भाषाई कोर्सेज को तीन स्तरों—सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस्ड डिप्लोमा में बांटा गया है। इसके अलावा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृह विज्ञान संस्थान में संचालित पीजी डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट और पीजी डिप्लोमा इन कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी छात्रों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। डिजास्टर मैनेजमेंट का कोर्स सरकारी सेवाओं के लिए उपयोगी है, वहीं CSR कोर्स के जरिए छात्र कॉर्पोरेट पैनल में अपनी जगह बना रहे हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जून महीने से शुरू होने की संभावना है। विशेष रूप से गृह विज्ञान संस्थान के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस 7500 रुपये प्रति सेमेस्टर रखी गई है, जिससे यह आर्थिक रूप से भी छात्रों के लिए सुलभ है। इन कोर्सेज को पूरा करने के बाद छात्र दिल्ली-एनसीआर समेत देश के बड़े शहरों में ट्रेवल, टूरिज्म और कॉर्पोरेट सेक्टर में सफल करियर बना रहे हैं।

खबर का बैकग्राउंड:
वर्तमान समय में केवल लंबी शैक्षणिक डिग्री ही करियर का एकमात्र रास्ता नहीं रह गई है। स्किल्ड वर्कफोर्स की बढ़ती मांग को देखते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय अपने व्यावसायिक संस्थानों के जरिए व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी कड़ी में भाषा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।

पब्लिक इम्पैक्ट:
इन पाठ्यक्रमों से उन छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा जो कम खर्च और कम समय में प्रोफेशनल करियर की शुरुआत करना चाहते हैं। विदेशी भाषाओं की जानकारी होने से छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने के द्वार खुलते हैं, वहीं डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे कोर्सेज सामाजिक और सरकारी सुरक्षा तंत्र में रोजगार के नए अवसर प्रदान करते हैं।

UP Prime News एनालिसिस:
शिक्षा के साथ कौशल विकास का जुड़ाव आधुनिक रोजगार बाजार की जरूरत है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित ये लघु अवधि के कोर्स डिग्री और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के अंतर को कम करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।


आगरा | UP Prime News
Published: 29 Jan 2026 | 11:50 AM IST
By UP Prime News Desk



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