JS University की मान्यता रद्द: अब डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा जारी करेगा डिग्री, छात्रों को मिली बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी (JS University) की मान्यता शासन द्वारा रद्द कर दी गई है। यह बड़ी कार्रवाई यूनिवर्सिटी में सामने आए 'फेक डिग्री स्कैंडल' के बाद की गई है। इस फैसले से प्रभावित हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब इन छात्रों को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से डिग्री और अन्य संबंधित दस्तावेज प्राप्त होंगे।
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| J. S University photo :- up prime news |
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सोमवार को फिरोजाबाद सर्किट हाउस में इस मामले पर आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने छात्रों को आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी छात्र के हित की अनदेखी नहीं की जाएगी। जेएस यूनिवर्सिटी के सभी शैक्षणिक दस्तावेज और छात्रों का रिकॉर्ड आगरा विश्वविद्यालय को ट्रांसफर किया जा रहा है। अब वहां का प्रशासन ही इन छात्रों के शैक्षणिक कार्यों और डिग्रियों का संचालन करेगा, जिससे छात्रों के करियर पर कोई संकट नहीं आएगा।
इसी दौरे के दौरान मंत्री उपाध्याय ने केंद्र सरकार की नई रोजगार योजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनरेगा का नाम बदलकर अब 'वीबी जीरामजी' (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट) कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब श्रमिकों को 100 दिन के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में मजदूरी के लिए 60 अतिरिक्त दिन भी मिलेंगे, जिससे साल में कुल 185 दिन का रोजगार सुनिश्चित होगा। इस योजना के लिए 151 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।
खबर का बैकग्राउंड:
शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से फर्जी डिग्री वितरण के आरोपों के कारण जांच के घेरे में थी। जांच में अनियमितताएं सही पाए जाने के बाद सरकार ने इसकी मान्यता रद्द करने का कड़ा फैसला लिया। छात्रों का साल खराब न हो, इसलिए उन्हें आगरा के राजकीय विश्वविद्यालय से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस फैसले का सीधा असर जेएस यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा। मान्यता रद्द होने से उपजी चिंता के बीच आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री मिलने की खबर ने छात्रों और उनके अभिभावकों को मानसिक राहत दी है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में 'वीबी जीरामजी' योजना के तहत बढ़े हुए कार्य दिवसों से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
UP Prime News एनालिसिस:
सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में एक सख्त संदेश है। छात्रों को दूसरे विश्वविद्यालय के साथ जोड़ना एक बेहतर 'डैमेज कंट्रोल' रणनीति है, ताकि संस्थान की गलती की सजा छात्रों को न भुगतनी पड़े।
फिरोजाबाद | UP Prime News
Published: 13 Jan 2026 | 12:09 PM IST
By UP Prime News Desk

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