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लखनऊ: व्हाट्सएप पर 'भाविका' बनकर 1.92 करोड़ की साइबर ठगी, आरोपी इमरान गाजी गिरफ्तार

 लखनऊ (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक शातिर जालसाज ने महिला बनकर एक व्यक्ति से करीब 1.92 करोड़ रुपये की ठगी की। लखनऊ पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी इमरान गाजी (34 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूल रूप से गुड़ंबा पुलिस स्टेशन इलाके के मिश्रीपुर डिपो का रहने वाला है।

फोटो : up prime news







पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब आरोपी ने व्हाट्सएप पर 'भाविका शेट्टी' नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़ित शलभ पांडे से दोस्ती की। धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ा और आरोपी ने शलभ को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर विभिन्न निवेश योजनाओं में पैसे लगाने के लिए राजी कर लिया। झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का अहसास होने पर शलभ पांडे ने पिछले साल 2 जून को शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी इमरान गाजी ने धोखाधड़ी के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था। जब उसका एक्सिस बैंक खाता फ्रीज हुआ, तो उसने जाली आधार और पैन कार्ड बनवाए। उसने अपने एक साथी शहजाद की मदद से फर्जी दस्तावेजों पर कई नए बैंक खाते खुलवाए ताकि ठगी की रकम को खपाया जा सके। पुलिस ने आरोपी के पास से जाली पहचान पत्र भी बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि आरोपी के खातों में महज एक महीने के भीतर 1.52 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। फिलहाल, पुलिस ने उसके खातों से 54 लाख रुपये बरामद किए हैं और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

खबर का बैकग्राउंड:

यह मामला डिजिटल आइडेंटिटी की चोरी और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी का एक गंभीर उदाहरण है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके पहचान छिपाने और धोखाधड़ी करने से संबंधित है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और बिना जांच-परख के भारी निवेश करने के खतरों को उजागर किया है। यह मामला आम जनता को सचेत करता है कि व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल माध्यमों पर मिलने वाले लुभावने 'इन्वेस्टमेंट ऑफर्स' और अनजान प्रोफाइल्स की वास्तविकता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है, अन्यथा जीवन भर की कमाई एक झटके में जा सकती है।

UP Prime News एनालिसिस:

साइबर अपराधियों द्वारा पहचान बदलकर (Identity Fraud) की जा रही ठगी में तेजी आई है। जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन डिजिटल साक्षरता और सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचने का एकमात्र स्थायी समाधान है।

लखनऊ | UP Prime News

Published: 14 जनवरी, 2026 | 11:00 AM IST

By UP Prime News Desk


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