लखनऊ: सीएम योगी के आदेश पर 24 घंटे में मेजर की बेटी को मिला घर, भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त हुआ आशियाना
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में न्याय की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली है। भारतीय सेना के दिवंगत मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना को, जो लंबे समय से अपने ही घर के लिए संघर्ष कर रही थीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद उनका हक वापस मिल गया है। सीएम से मुलाकात के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए न सिर्फ अवैध रूप से कब्जाए गए मकान का ताला खुलवाया, बल्कि मकान की चाबी पीड़िता को सौंप दी।
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| मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना फोटो :- up prime news |
गुरुवार को जब प्रशासन ने मकान का कब्जा वापस दिलाया, तो वह क्षण अंजना के लिए बेहद भावुक था। मानसिक बीमारी और अकेलेपन से जूझ रही अंजना ने घर की दहलीज पर नारियल फोड़ा और फूल चढ़ाकर अपने पुश्तैनी घर में प्रवेश किया। पुलिस की मौजूदगी में घर के बाहर लगा दूसरे के नाम का बोर्ड हटा दिया गया है और अंजना को कानूनी तौर पर उनका आशियाना वापस मिल गया है।
खबर का बैकग्राउंड:
अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का 1994 में निधन हो गया था, और बाद में उनके भाई-बहन की भी असामयिक मृत्यु हो गई। अंजना सिजोफ्रेनिया नामक मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं और 2016 में जब वह रिहैब सेंटर में भर्ती थीं, तब उनकी बीमारी और अकेलेपन का फायदा उठाकर आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनके घर पर कब्जा कर लिया था।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना से आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों और अकेले रहने वाले लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह मामला संदेश देता है कि भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार सख्त है। साथ ही, यह समाज को भी जागरूक करता है कि मानसिक रूप से कमजोर या अकेले व्यक्तियों की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना कितना आवश्यक है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह प्रकरण जहां एक तरफ सीएम कार्यालय की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता को दर्शाता है, वहीं स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रारंभिक सुस्ती पर भी सवाल खड़े करता है कि पीड़ित को न्याय के लिए शीर्ष स्तर तक क्यों जाना पड़ा।
[LUCKNOW] | UP Prime News
Published: 02 January 2026 | 12:18 PM IST
By UP Prime News Desk

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