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प्रयागराज माघ मेले में भीषण आग: 15 टेंट और 20 दुकानें जलकर खाक, 50 कल्पवासियों को सुरक्षित निकाला गया

 प्रयागराज (उत्तर प्रदेश):

संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित हो रहे माघ मेले के सेक्टर 5 स्थित नारायण शुक्ल धाम शिविर में मंगलवार शाम को अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 15 टेंट और करीब 20 दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। आग की लपटें और धुएं का गुबार करीब 5 किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई फोटो:- up prime news








हादसे के समय नारायण धाम के मुख्य शिविर में करीब 50 कल्पवासी मौजूद थे। जैसे ही आग की लपटें और धुंआ फैला, वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फायर फाइटर्स ने सूझबूझ का परिचय देते हुए शिविर के अंदर फंसे सभी 50 कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की पांच गाड़ियों को लगातार पानी की बौछार करनी पड़ी, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

शुरुआती जांच के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने आसपास के अन्य शिविरों को भी खाली करा लिया था ताकि आग को और ज्यादा फैलने से रोका जा सके। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस और मेला प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहे हैं।

खबर का बैकग्राउंड:

प्रयागराज के संगम तट पर हर साल माघ मेले का आयोजन होता है, जहां देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु कल्पवास के लिए आते हैं। मकर संक्रांति का पर्व नजदीक होने के कारण वर्तमान में मेले में भीड़ काफी बढ़ गई है। अस्थायी टेंट और बिजली के तारों के जाल के कारण ऐसे शिविरों में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना के बाद मेले में रह रहे अन्य कल्पवासियों और दुकानदारों के बीच असुरक्षा का भाव देखा जा रहा है। कड़ाके की ठंड में अपना घर-बार छोड़कर आए श्रद्धालुओं के लिए टेंटों का जलना एक बड़ी क्षति है। साथ ही, मकर संक्रांति के मुख्य स्नान से पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा और अग्नि शमन प्रबंधों की ओर आम जनता का ध्यान खींचा है।

UP Prime News एनालिसिस:

अस्थायी शिविरों में बिजली की वायरिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर इस तरह के हादसों को जन्म देती है। प्रशासन को भीड़भाड़ वाले मुख्य पर्वों से पहले सभी शिविरों का फायर ऑडिट अनिवार्य रूप से करना चाहिए।

[प्रयागराज] | UP Prime News

Published: [JANUARY 13, 2025] | [07:51 PM] IST

By UP Prime News Desk


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