सऊदी अरब में लखनऊ की महिला इंजीनियर की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
लखनऊ की रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर ऐमन खान की सऊदी अरब के जेद्दा शहर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना से दुखी परिजनों ने ऐमन के पति मोहम्मद आमिर खान और उनके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐमन के पिता शेर अली खान का कहना है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और यह एक सुनियोजित हत्या है। फिलहाल, लखनऊ के चिनहट थाने में तहरीर दी गई है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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| ऐमन खान फोटो :- up prime news |
ऐमन खान, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी, का निकाह 10 अप्रैल 2025 को लखनऊ में मोहम्मद आमिर खान के साथ हुआ था। परिजनों के अनुसार, शादी के तुरंत बाद ही दहेज को लेकर विवाद शुरू हो गया था। आरोप है कि पति आमिर खान ने एक 'इनोवा' कार की मांग की थी और कार मिलने के बाद उसके अपने नाम पर न होने को लेकर नाराजगी जताई थी। निकाह के कुछ दिनों बाद आमिर सऊदी अरब चला गया और जून 2025 में ऐमन को भी वहां बुला लिया गया।
परिजनों का आरोप है कि जेद्दा पहुंचने के बाद ऐमन पर 20 लाख रुपये नकद लाने का दबाव बनाया जाने लगा। आरोप के मुताबिक, पति, उसका भाई और दो बहनोई मिलकर उसे प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना से तंग आकर ऐमन अक्टूबर 2025 में भारत लौट आई थी, लेकिन ससुराल पक्ष के आश्वासन के बाद वह 19 अक्टूबर को दोबारा जेद्दा चली गई। पिता का दावा है कि वहां दोबारा उसे भूखा रखा गया, घर से निकाला गया और उसका पासपोर्ट व इकामा (वर्क परमिट) भी छीन लिया गया। 18 दिसंबर को पुलिस की मौजूदगी में ऐमन का शव मिलने की जानकारी मिली। परिजनों का यह भी कहना है कि ऐमन गर्भवती थी और उसकी गला दबाकर हत्या की गई है।
खबर का बैकग्राउंड:
बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने वाली ऐमन खान एक आत्मनिर्भर महिला थी। निकाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा महंगी कार और नकदी की मांग को लेकर विवाद चल रहा था। प्रताड़ना का यह सिलसिला भारत से शुरू होकर सऊदी अरब तक चला, जिसका अंत एक संदिग्ध मौत के रूप में हुआ।
पब्लिक इम्पैक्ट:
यह मामला विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाता है। दहेज जैसी सामाजिक बुराई न केवल भारत बल्कि विदेशों में बसे परिवारों के लिए भी एक बड़ा खतरा बनी हुई है। ऐसी घटनाएं समाज में बेटियों की सुरक्षा और कानूनी सहायता तक उनकी पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला दो देशों के अधिकार क्षेत्र के बीच फंसा हुआ है, जिसमें निष्पक्ष जांच के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और दूतावास का हस्तक्षेप अनिवार्य हो जाता है। क्रॉस-बॉर्डर कानूनी पेचीदगियों के कारण पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कूटनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
लखनऊ | UP Prime News
Published: January 13, 2026 | 08:15 PM IST
By UP Prime News Desk

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