राणा सांगा की प्रतिमा स्थापना में देरी से समर्थकों में आक्रोश, 30 जनवरी को पुण्यतिथि से पहले मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी
(आगरा) : उत्तर प्रदेश
ताजनगरी आगरा के फतेहपुर सीकरी में महान योद्धा महाराणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) की प्रतिमा स्थापना का मामला एक बार फिर गरमा गया है। आगामी 30 जनवरी को राणा सांगा की पुण्यतिथि है, लेकिन उनकी प्रतिमा लगाने की घोषणा के एक साल बाद भी अब तक धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हो सका है। इसे लेकर समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
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| फोटो : up prime news |
पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब पिछले साल संसद में सपा सांसद रामजीलाल सुमन की एक टिप्पणी के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने 24 मार्च को आगरा गेट के सामने राणा सांगा की भव्य प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी न तो प्रशासनिक अनुमति मिली है और न ही स्थल का चयन हो पाया है। सांसद का अब कहना है कि सांसद निधि से प्रतिमा नहीं लगाई जा सकती, वहीं उपजिलाधिकारी किरावली नीलम तिवारी के अनुसार प्रशासन के पास प्रतिमा स्थापना को लेकर अब तक कोई औपचारिक जानकारी नहीं आई है।
विजयपुर सीकरी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि वे प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर 6 अक्टूबर और 20 नवंबर को शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो समर्थकों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस विषय को उनके समक्ष उठाएगा। इस मांग को दीपक सिसोदिया, नरेंद्र जादौन और डॉ. मधुपाल सिंह सहित कई अन्य स्थानीय नेताओं का समर्थन प्राप्त है।
खबर का बैकग्राउंड:
यह मुद्दा पिछले साल संसद में हुई एक टिप्पणी के बाद उपजे जनांदोलन से जुड़ा है। चुनावी और सामाजिक दबाव के बीच सांसद राजकुमार चाहर ने सार्वजनिक रूप से प्रतिमा लगाने का वादा किया था, लेकिन प्रशासनिक तालमेल और फंडिंग के तकनीकी कारणों से मामला अधर में लटका हुआ है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
राणा सांगा को शौर्य का प्रतीक मानने वाले समाज और स्थानीय लोगों में इस देरी को लेकर भावनात्मक रोष है। प्रतिमा न लगने से सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता का भरोसा कम हो रहा है, जिससे भविष्य में बड़े विरोध प्रदर्शन की संभावना बढ़ गई है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला राजनीतिक घोषणाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बीच फंसे विरोधाभास को दर्शाता है। सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर देरी अक्सर चुनावी माहौल में बड़े विवाद का रूप ले लेती है।
आगरा | UP Prime News
Published: 15 Jan 2026 | 09:03 PM IST
By UP Prime News Desk

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