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सावधान: युवाओं में तेज़ी से बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, 40 से कम उम्र वालों पर बढ़ा खतरा; एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

 आगरा (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में युवाओं के बीच हृदय संबंधी बीमारियाँ एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रही हैं। ताज़ा आंकड़ों और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर के मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाले हार्ट अटैक के मरीजों में से लगभग 40 से 50 फीसदी लोग 40 साल से कम उम्र के हैं। विशेष रूप से 35 साल से कम उम्र के मरीजों की संख्या में बीते एक साल में डेढ़ गुना तक इजाफा हुआ है।

फोटो : up prime news






हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर के अनुसार, रोजाना ओपीडी में 120 से अधिक मरीज आ रहे हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि युवा देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप पर काम करते हैं, जिससे उनकी नींद प्रभावित होती है। औसतन एक युवा केवल 5 घंटे की नींद ले रहा है। इसके साथ ही सप्ताह में कई दिन तला हुआ और बाजार का खाना खाना, धूम्रपान और शराब का सेवन इस खतरे को तीन गुना बढ़ा रहा है। करियर, नौकरी और आर्थिक समस्याओं के कारण होने वाला मानसिक तनाव भी नसों पर दबाव बढ़ाता है, जिससे ब्लॉकेज की स्थिति पैदा हो रही है।

हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वसंत गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना 20 से 25 हार्ट अटैक के मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें से 25 फीसदी मरीजों में मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी पाई जा रही है। कैथ लैब में अब तक हुए 1100 ऑपरेशनों में भी युवाओं की संख्या लगभग आधी है। केस स्टडी के तौर पर देखें तो निजी कंपनियों में काम करने वाले 32 से 34 वर्ष के युवक, जो खराब खान-पान और अत्यधिक काम के दबाव में थे, वे गंभीर हृदय रोगों की चपेट में आए हैं।

खबर का बैकग्राउंड:

पिछले कुछ वर्षों में बदलती जीवनशैली और कॉर्पोरेट संस्कृति के कारण युवाओं में शारीरिक गतिविधि कम हुई है। जंक फूड पर निर्भरता और पर्याप्त नींद न लेना अब एक वैश्विक स्वास्थ्य मुद्दा बनता जा रहा है, जिसका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ रहा है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस बढ़ते खतरे का सीधा असर समाज के उत्पादक वर्ग (युवाओं) पर पड़ रहा है। कम उम्र में गंभीर बीमारियों के कारण परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की यह चेतावनी आम जनता को अपनी दिनचर्या में सुधार करने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए जागरूक करती है।

UP Prime News एनालिसिस:

चिकित्सा विशेषज्ञों के इन दावों से स्पष्ट है कि आधुनिक तकनीक और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो रही है। युवाओं को 'करियर' और 'सेहत' के बीच संतुलन बनाना अब अनिवार्य हो गया है।

हृदय रोग से बचाव के लिए इन 7 आदतों को अपनाएं:

धूम्रपान और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें।

रोजाना कम से कम आठ घंटे की भरपूर नींद लें।

24 घंटे में कम से कम तीन लीटर पानी जरूर पिएं।

प्रतिदिन 10 हजार कदम तेज गति से चलें।

फास्ट फूड और बाजार के भोजन से परहेज करें।

छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें।

अपने आहार में हरी सब्जी, सलाद, फल और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करें।

आगरा | UP Prime News

Published:  15 Jan 2026 | 07:50 PM IST

By UP Prime News Desk


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