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वाराणसी: कफ सिरप तस्करी मामले में किंगपिन शुभम समेत 6 पर गैर-जमानती वारंट, 50 हजार के इनामी ने किया सरेंडर

 उत्तर प्रदेश:

वाराणसी में चर्चित अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में प्रशासन और न्यायपालिका ने शिकंजा कस दिया है। अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक) मनोज कुमार की अदालत ने शुक्रवार को मामले के मुख्य आरोपी (किंगपिन) शुभम जायसवाल समेत छह फरार आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। इन आरोपियों में शुभम के अलावा दिवेश जायसवाल उर्फ सानू, आकाश पाठक उर्फ विकास सिंह, राहुल यादव और अमित जायसवाल शामिल हैं। घटना के बाद से ही ये सभी आरोपी फरार चल रहे हैं और पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

शुभम जायसवाल फोटो :- up prime news







इस मामले में पुलिस के बढ़ते दबाव का असर भी देखने को मिला है। 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेश सिंह ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। महेश सिंह रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर का रहने वाला है और उसी के जिम के नीचे बने गोदाम से पुलिस ने करोड़ों रुपये की कफ सिरप बरामद की थी। पुलिस द्वारा कुर्की की कार्रवाई (वारंट बी) शुरू करने की भनक लगते ही महेश सिंह ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

अमित सिंह टाटा फोटो :-up prime news











वहीं, इस सिंडिकेट के एक अन्य मुख्य आरोपी और शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र जेल से वाराणसी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने भोला प्रसाद और उसके परिवार की 32 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को चिन्हित किया है, जिसे जब्त करने की कार्रवाई चल रही है। इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने शुक्रवार को तीन और फर्मों (किरण फार्मा, वेदिका इंटरप्राइजेज और अथर्व ट्रेडर्स) के ड्रग लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। जिले में अब तक इस प्रकरण से जुड़ी कुल 37 फर्मों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।

भोला प्रसाद फोटो :- up prime news







खबर का बैकग्राउंड:
बीती 15 नवंबर को वाराणसी पुलिस ने रोहनिया क्षेत्र के एक गोदाम में छापेमारी कर अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी थी। जांच में सामने आया कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म पंजीकृत कर नशे के कारोबार को अंजाम दे रहा था। इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसका पिता भोला प्रसाद बताए गए हैं।


पब्लिक इम्पैक्ट:
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। ड्रग लाइसेंस रद्द होने और संपत्तियां जब्त होने से दवा व्यापारियों में हड़कंप है, जिससे भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित होगा। साथ ही, कोडीन सिरप की कालाबाजारी रुकने से युवा वर्ग को नशे की लत से बचाने में मदद मिलेगी।


UP Prime News एनालिसिस:
पुलिस और प्रशासन द्वारा आर्थिक चोट (संपत्ति जब्ती) और कानूनी दबाव (वारंट और सरेंडर) की दोहरी रणनीति अपनाना सिंडिकेट को तोड़ने में कारगर साबित हो रहा है। फरार आरोपियों पर गैर-जमानती वारंट जारी होना यह दर्शाता है कि कानून से बचना अब उनके लिए मुश्किल होगा।

वाराणसी | UP Prime News
Published: 03 January 2026 | 06:53 AM IST
By UP Prime News Desk


















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