माघ मेला 2026: प्रयागराज संगम तट पर आस्था का महाकुंभ शुरू, पौष पूर्णिमा स्नान के साथ टेंट सिटी में कल्पवास का आगाज
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश):
संगम नगरी प्रयागराज में शनिवार को पौष पूर्णिमा के पावन पर्व के साथ माघ मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को दरकिनार करते हुए, ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी। घाटों पर 'हर-हर गंगे' के जयघोष के साथ ही एक महीने तक चलने वाले कल्पवास की भी शुरुआत हो चुकी है।
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| माघ मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ फोटो :-up prime news |
इस वर्ष का माघ मेला प्रशासन द्वारा 'महाकुंभ मॉडल' की तर्ज पर तैयार किया गया है। मेले को व्यवस्थित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 7 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जो करीब 800 हेक्टेयर में फैला हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेती पर 126 किलोमीटर लंबी चेकर्ड प्लेट की सड़कें बिछाई गई हैं। साथ ही, संगम के जल में सात रंगों की रोशनी वाले फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम की व्यवस्था ने मेले की भव्यता को बढ़ा दिया है। प्रशासन का अनुमान है कि 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में करीब 15 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचेंगे, जबकि 20 लाख से अधिक लोग कल्पवास करेंगे।
सुरक्षा और यातायात को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) के साथ-साथ 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर से मेला क्षेत्र तक कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के लिए 3800 रोडवेज बसें, 75 ई-बसें और 500 से अधिक ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। अग्नि सुरक्षा के लिए फायर स्टेशन बनाए गए हैं और स्वच्छता के लिए 3300 सफाईकर्मी दिन-रात तैनात किए गए हैं।
खबर का बैकग्राउंड:
माघ मेला प्रयागराज में हर साल आयोजित होने वाला एक विशाल धार्मिक आयोजन है, जो मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा के आसपास शुरू होता है। वर्ष 2026 का यह मेला आगामी महाकुंभ के लिए एक 'ड्रेस रिहर्सल' या पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक आस्था का संगम कराने का प्रयास किया गया है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
मेले में की गई हाई-टेक व्यवस्थाओं और बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी से आम श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दर्शन और स्नान में बड़ी राहत मिलेगी। ई-बसों और ई-रिक्शा के संचालन से बुजुर्गों और दिव्यांगों को घाटों तक पहुंचने में आसानी होगी। हालांकि, लाखों की भीड़ के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है, जिसके लिए रूट डायवर्जन का पालन करना आवश्यक होगा।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रशासन द्वारा इस बार माघ मेले में 'टेंट सिटी' और लाइटिंग की जो आधुनिक व्यवस्था की गई है, वह सराहनीय है। यह न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रशासन बड़ी भीड़ के प्रबंधन के लिए पूरी तरह सतर्क है।
PRAYAGRAJ | UP Prime News
Published: January 03, 2026 | 06:25 AM IST
By UP Prime News Desk

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