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हरदोई: 5 साल की मासूम की जांबाजी, कुत्ते के हमले के बावजूद 200 मीटर दौड़कर बचाई मां की जान

 उत्तर प्रदेश (हरदोई):

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से इंसानियत और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने बड़े-बड़ों को हैरान कर दिया है। यहाँ नुमाइश पुरवा इलाके में एक 5 साल की नन्हीं बच्ची ने वह साहस दिखाया, जिसकी कल्पना उस उम्र में करना मुश्किल है। संपत्ति विवाद के चलते जब उसकी माँ पर जानलेवा हमला हुआ, तो यह मासूम डरी नहीं, बल्कि खुद घायल होने के बावजूद करीब 200 मीटर दूर स्थित कोतवाली (पुलिस स्टेशन) दौड़कर पहुँच गई। बच्ची की गुहार पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और मौके पर पहुँचकर हमलावरों को रंगे हाथ दबोच लिया।

घायल माँ और मासूम बच्ची जिनके साथ संपत्ति विवाद में मारपीट हुई
हरदोई में घायल माँ और साहसी बेटी : UP prime news







घटना की शुरुआत शनिवार को हुई, जब पीड़ित महिला अपनी 5 साल की बेटी के साथ अपने पुश्तैनी घर पहुँची थी। जानकारी के मुताबिक, महिला के पति, सास और ससुर तीनों का देहांत हो चुका है। जिस घर में वह रह रही है, उसे लेकर उसके पति के मामा विनोद श्रीवास्तव के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है। महिला का आरोप है कि उसके मामा ससुर ने संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी बैनामा (सेल डीड) तैयार करवा लिया है और लगातार उन पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। शनिवार को जब महिला घर में मौजूद थी, तभी विनोद श्रीवास्तव अपने बेटे के साथ जबरन घर में घुस आए और गाली-गलौज शुरू कर दी।

विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने महिला को डराने के लिए अपनी पालतू कुत्ता उस पर छोड़ दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आई 5 साल की मासूम बच्ची को कुत्ते ने बुरी तरह काटकर घायल कर दिया। बच्ची के हाथ पर गहरे घाव हो गए, लेकिन उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी। घर के अंदर उसकी माँ को लाठियों, बेल्ट और चाकुओं से पीटा जा रहा था। आरोपियों ने महिला को घेर लिया था और उसे जबरन कागजों पर दस्तखत करने के लिए मजबूर कर रहे थे। चीख-पुकार के बीच मासूम बच्ची ने सूझबूझ दिखाई और हमलावरों की नजरों से बचकर घर से बाहर निकल गई।

हरदोई में पुलिस की हिरासत में खड़े आरोपी और पुलिसकर्मी
हरदोई में पुलिस की हिरासत में खड़े आरोपी और पुलिसकर्मी








घायल अवस्था में होने के बावजूद, वह बच्ची बिना रुके करीब 200 मीटर दूर स्थित कोतवाली की ओर दौड़ पड़ी। पुलिस स्टेशन पहुँचकर उसने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से रोते हुए गुहार लगाई— "मेरी मम्मी को घर के अंदर मार रहे हैं, प्लीज उन्हें बचा लो।" बच्ची की हालत और उसकी बातों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया। बिना एक पल की देरी किए, पुलिसकर्मी बच्ची के साथ उसके घर पहुँचे।

जब पुलिस टीम मौके पर पहुँची, तो वहाँ का नजारा भयावह था। आरोपी महिला को बुरी तरह पीट रहे थे। पुलिस को देखते ही हमलावरों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने मौके से ही मामा ससुर विनोद श्रीवास्तव और उनके पुत्र को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने तुरंत घायल माँ और उसकी मासूम बेटी को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया और उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई और महिला की जान बच सकी।

अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुबोध गौतम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला घरेलू जमीनी विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बच्ची की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में इस तरह की सूझबूझ दिखाना वाकई काबिले तारीफ है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

खबर का बैकग्राउंड:

यह पूरा मामला पैतृक संपत्ति के स्वामित्व से जुड़ा है। पीड़िता के अनुसार, मकान का आधा हिस्सा उसकी सास के नाम था और आधा ससुर के नाम। सास ने अपना हिस्सा अपनी भाभी के नाम किया था, जबकि ससुर का हिस्सा उनके बेटे (पीड़िता के पति) के नाम था। पति की मृत्यु के बाद कानूनी तौर पर वह हिस्सा महिला का है। आरोपी पक्ष इसी हिस्से पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेजों और डराने-धमकाने का सहारा ले रहा था, जिसके खिलाफ महिला ने पहले भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

पब्लिक इम्पैक्ट:

यह घटना समाज के सामने दो बड़े पहलू रखती है। पहला, जमीन और जायदाद के लालच में पारिवारिक रिश्तों का कत्ल किस हद तक किया जा रहा है, जहाँ एक बेसहारा विधवा और छोटी बच्ची पर हमला करने में भी संकोच नहीं किया गया। दूसरा पहलू उस बच्ची की बहादुरी है, जो यह संदेश देती है कि मुश्किल वक्त में घबराने के बजाय सही कदम उठाना ही समस्या का समाधान है। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने जनता के बीच कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।

UP Prime News एनालिसिस:

यह घटना कानूनी सुरक्षा और सामाजिक नैतिकता के पतन का मिश्रण है। जहाँ पुलिस की मुस्तैदी सराहनीय है, वहीं संपत्ति विवादों के निपटारे के लिए प्रशासन को और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है ताकि किसी को कानून हाथ में लेने का मौका न मिले।

हरदोई | UP Prime News

Published: February 22, 2026 | 5:29 PM IST

By UP Prime News Desk









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