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BHU में हॉस्टल के बाहर छात्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग, कैंपस में मचा हड़कंप; सुरक्षा व्यवस्था पर नाराज छात्रों ने घेरा चीफ प्रॉक्टर कार्यालय

 वाराणसी उत्तर प्रदेश 

वाराणसी स्थित प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) एक बार फिर गोलियों की गड़गड़ाहट से दहल उठा है। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर एक हॉस्टल के बाहर खड़े बीए तृतीय वर्ष के छात्र पर अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी। गनीमत यह रही कि गोली छात्र के पास से गुजर गई और वह बाल-बाल बच गया। इस जानलेवा हमले के बाद पूरे कैंपस में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हो गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

बीएचयू परिसर में फायरिंग के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस अधिकारी।
बीएचयू परिसर में फायरिंग के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस अधिकारी।








घटना की गंभीरता को देखते हुए काशी क्षेत्र के अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) वैभव बांगड़ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों ने मौके से गोलियों के खाली खोखे (कारतूस के खोल) बरामद कर पुलिस को सौंपे हैं। पीड़ित छात्र के अनुसार, वह अपने हॉस्टल के बाहर सामान्य रूप से खड़ा था, तभी एक बाइक पर सवार होकर आए कुछ संदिग्धों ने उसे निशाना बनाकर कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। इस घटना ने विश्वविद्यालय की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके विरोध में छात्र देर रात तक धरने पर बैठे रहे।

नाराज छात्रों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से कैंपस के भीतर बाहरी तत्वों का हस्तक्षेप और आवाजाही काफी बढ़ गई है। छात्रों ने सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए चीफ प्रॉक्टर के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक कैंपस को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जाता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए जाते, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस ने पीड़ित छात्र की तहरीर के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हमलावर कैंपस के भीतर हथियार लेकर कैसे दाखिल हुए। छात्रों के बीच पनप रहे आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को निष्पक्ष जांच और जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि आश्वासन के बजाय अब ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

खबर का बैकग्राउंड:

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आए हैं। कैंपस में बाहरी लोगों का प्रवेश और छात्रावासों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों को लेकर छात्र लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं। इस ताजा फायरिंग की घटना ने छात्रों के उस डर को सच साबित कर दिया है, जिसमें वे अपनी जान को खतरा बता रहे थे। पूर्व में भी प्रॉक्टोरियल बोर्ड और छात्रों के बीच सुरक्षा मानकों को लेकर गतिरोध देखा गया है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना का सीधा असर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों के मानस पर पड़ा है। देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले संस्थानों में से एक में इस तरह की घटना शिक्षा के माहौल को प्रभावित करती है। आम जनता के बीच भी यह संदेश गया है कि कैंपस की आंतरिक सुरक्षा में बड़े सुधार की आवश्यकता है। इससे छात्रों की पढ़ाई और उनकी मानसिक शांति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे कैंपस में अस्थिरता का डर बना रहता है।

UP Prime News एनालिसिस:

शैक्षणिक संस्थानों में हिंसा की ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं; यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की विफलता को भी दर्शाता है। एक निष्पक्ष जांच के जरिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि राजनीतिक या बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप से शिक्षा का मंदिर मुक्त रहे । 

  वाराणसी उत्तर प्रदेश  UP Prime News

Published: February 22, 2026 | 10:17 AM IST

By UP Prime News Desk












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