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चित्रकूट DM पुलकित गर्ग की अनूठी पहल: प्राइवेट स्कूल छोड़ सरकारी आंगनबाड़ी में कराया बेटी का एडमिशन

 चित्रकूट उत्तर प्रदेश :

चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग ने समाज के सामने समानता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। अमूमन जहां संपन्न वर्ग और बड़े अधिकारी अपने बच्चों के लिए महंगे और आलीशान प्राइवेट स्कूलों को चुनते हैं, वहीं आईएएस अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी 'सिया' का दाखिला एक सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराया है।

सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में अन्य बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती डीएम की बेटी सिया
सिया फोटो : up prime news







जिलाधिकारी ने यह कदम उठाने से पहले एक जागरूक पिता की तरह निजी प्ले-स्कूलों के साथ-साथ कई आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वयं दौरा किया। पूरी जांच-पड़ताल और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद, उन्हें जिला मुख्यालय में अपने आवास के पास स्थित सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र सबसे उपयुक्त लगा। उन्होंने अपनी बेटी का नामांकन इसी केंद्र के प्ले-ग्रुप में कराया है।

वर्तमान में इस आंगनबाड़ी केंद्र में करीब 35 बच्चे नामांकित हैं। डीएम की बेटी सिया भी अन्य बच्चों की तरह ही वहां पढ़ाई कर रही है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इसकी काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि सिया मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के समय अन्य बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती है। जिलाधिकारी के इस निर्णय को सरकारी व्यवस्थाओं पर आम जनता का भरोसा बढ़ाने वाली एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

खबर का बैकग्राउंड:

आईएएस पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट जिले में हुई है। पदभार संभालने के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपनी बेटी की शुरुआती शिक्षा के लिए स्कूल की तलाश शुरू की थी। उनका मानना है कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा केवल बड़ी इमारतों से नहीं, बल्कि सही देखभाल, पोषण और अच्छे संस्कारों से मजबूत होती है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस पहल से आम जनता के बीच सरकारी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास पैदा होगा। जब एक जिले का सर्वोच्च अधिकारी अपने बच्चे को सरकारी व्यवस्था में भेजता है, तो इससे अन्य अभिभावक भी प्रेरित होते हैं। यह कदम समाज में व्याप्त वीआईपी संस्कृति को कम करने और शैक्षिक समानता को बढ़ावा देने वाला है।

UP Prime News एनालिसिस:

यह निर्णय प्रशासनिक अधिकारियों और जनता के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक प्रभावी संदेश है, जो सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर मुहर लगाता है।

चित्रकूट | UP Prime News

Published: 06 फरवरी 2026 | 08:14 PM IST

By UP Prime News Desk


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