यूट्यूब प्रैंक के नाम पर कानपुर में मासूम का अपहरण, फिरौती मांगकर बोले- 'मजाक कर रहे थे', 8 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश [कानपुर]:
कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहाँ कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर 'कंटेंट' बनाने की सनक में कानून की सीमाएं लांघ दीं। घटना बुधवार, 11 फरवरी 2026 की शाम की है। बर्रा-8 के रहने वाले अमित शुक्ला, जो एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं, उनका 10 वर्षीय बेटा हर्षल शाम करीब 7:30 बजे घर के पास ही सब्जी खरीदने निकला था। हर्षल मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित एक स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है। रास्ते में उसे दो युवक मिले, जिन्होंने अपनी बातों में उलझाकर उसे केडीएमए स्कूल के पास एक सुनसान जगह पर ले गए।
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| कानपुर में बच्चे के अपहरण मामले में गिरफ्तार आरोपी फोटो : up prime news |
वहां पहुँचते ही उन युवकों ने हर्षल को धमकाया और उसे एक मोबाइल फोन थमाकर अपनी मां को फोन करने के लिए मजबूर किया। डरे हुए मासूम ने रोते हुए अपनी मां प्रभाती को कॉल किया और कहा, "मम्मी, कुछ लड़कों ने मुझे किडनैप कर लिया है, वो मुझे छोड़ने के बदले 2 लाख रुपये मांग रहे हैं।" इतना कहकर फोन कट गया। इस कॉल के बाद परिवार में कोहराम मच गया। करीब 25 मिनट बाद मां के पास एक दूसरे नंबर से कॉल आया, जिसमें फिरौती की रकम घटाकर मात्र 5 हजार रुपये कर दी गई और उसे किदवई नगर के यूपी किराना स्कूल के पास पहुँचाने को कहा गया।
जैसे ही परिजन और पुलिस सक्रिय हुए, आरोपियों को पकड़े जाने का डर सताने लगा। रात करीब पौने नौ बजे, किडनैपर्स ने अचानक हर्षल को छोड़ दिया और दावा किया कि वे लोग यूट्यूब के लिए 'प्रैंक वीडियो' (मजाक) बना रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की। पुलिस ने इलाके के करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि फिरौती के लिए आंध्र प्रदेश और कन्नौज के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया था।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए बालिग आरोपियों की पहचान अरविंद सिंह (ई-ब्लॉक कच्ची बस्ती), चंदन कुमार (जरौली ईडब्ल्यूएस), लकी (वरुण विहार), मो. शाहिद (बर्रा-8) और अमन कटियार (बर्रा-8, ई-ब्लॉक) के रूप में हुई है। इनके साथ 3 नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अमन कटियार का आपराधिक इतिहास भी है; उसके खिलाफ गुजैनी और डेरापुर थाने में चोरी के दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब पर वीडियो डालने के लिए इस तरह की हरकतें करते थे। पुलिस को आरोपियों के फोन से करीब 150 से 200 आपत्तिजनक और विवादित वीडियो मिले हैं। पकड़े जाने के बाद ये कथित यूट्यूबर्स पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगे और कान पकड़कर माफी मांगने लगे कि दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे। फिलहाल, पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
खबर का बैकग्राउंड:
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'सब्सक्राइबर्स' पाने की होड़ में युवाओं के बीच खतरनाक प्रैंक वीडियो बनाने का चलन बढ़ा है। कानपुर की यह घटना इसी विकृत मानसिकता का परिणाम है, जहाँ फिरौती मांगना और अपहरण करना जैसे संगीन अपराधों को 'मनोरंजन' का नाम देने की कोशिश की गई। इससे पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में प्रैंक के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की खबरें आती रही हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। प्रैंक के नाम पर किए जा रहे ऐसे कृत्य न केवल मासूम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं, बल्कि यह समाज में कानून व्यवस्था के प्रति भय भी उत्पन्न करते हैं। लोगों में यह संदेश गया है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए किसी की जान और गरिमा से खिलवाड़ करना भारी पड़ सकता है और पुलिस ऐसी 'मजाक' वाली दलीलों को स्वीकार नहीं करेगी।
UP Prime News एनालिसिस:
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट क्रिएशन के नाम पर बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियां चिंताजनक हैं। अभिव्यक्ति की आजादी और मनोरंजन की आड़ में अपहरण जैसे गंभीर कृत्य को प्रैंक कहना कानून का मजाक उड़ाना है।
कानपुर | UP Prime News
Published: February 15, 2026 | 10:28 AM IST
By UP Prime News Desk

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