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मथुरा में पुलिस का 'ऑपरेशन बजरंग' सफल: 13 थानों की फोर्स ने दी दबिश, 34 साइबर ठग गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद

 मथुरा  उत्तर प्रदेश:

मथुरा जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन बजरंग' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार के निर्देशन और एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में रविवार तड़के करीब 5 बजे भारी पुलिस बल ने शेरगढ़ क्षेत्र के दो गांवों, जंघावली और बिशंभरा में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस मेगा ऑपरेशन में 13 थानों की पुलिस, चार क्षेत्राधिकारी (CO) और पीएसी (PAC) के जवानों सहित करीब 250 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अपराधी संभल भी नहीं पाए।

मथुरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए साइबर ठग और बरामद सामान
मथुरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए साइबर ठग और बरामद सामान फोटो: UP prime news







इस सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 34 शातिर साइबर ठगों को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस टीम ने इन दोनों गांवों की पूरी तरह से घेराबंदी कर लगभग 85 घरों में सघन तलाशी ली। हालांकि, पुलिस की भारी मौजूदगी को देखकर करीब 45-46 संदिग्ध आरोपी खेतों और छतों के रास्ते भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें हरियाणा, राजस्थान और अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 18 फर्जी आधार कार्ड, 37 मोबाइल फोन, चार मोटरसाइकिल और एक कार बरामद की है। इन सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं और साइबर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चालान की कार्रवाई की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि ये शातिर ठग जंघावली गांव के पास स्थित एक खंडहर बनी धर्मशाला को अपना ठिकाना बनाकर वहां से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। छापेमारी के दौरान कुछ स्थानों पर महिलाओं ने पुलिस का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें शांत कराया। पुलिस के अनुसार, इस क्षेत्र में साइबर अपराध की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं, जिसे उखाड़ने के लिए इस तरह के बड़े सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इससे पहले भी 11 दिसंबर को गोवर्धन क्षेत्र के गांवों में इसी तरह की बड़ी कार्रवाई की गई थी।

खबर का बैकग्राउंड:

मथुरा, भरतपुर और मेवात का यह सीमावर्ती इलाका पिछले कुछ समय से साइबर ठगी के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। 'ऑपरेशन बजरंग' पुलिस की वह मुहिम है जिसका उद्देश्य इन गांवों में फल-फूल रहे साइबर अपराध के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। फर्जी पहचान पत्र और सिम कार्ड के जरिए देश भर के लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले इन गिरोहों पर नकेल कसने के लिए स्थानीय पुलिस अब आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस का सहारा ले रही है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर आम जनता की वित्तीय सुरक्षा पर पड़ेगा। साइबर ठगों की गिरफ्तारी से ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, समाज में यह कड़ा संदेश गया है कि अपराध के सुरक्षित समझे जाने वाले ठिकानों पर भी कानून के हाथ पहुंच सकते हैं। आम नागरिकों को भी ऐसे मामलों को लेकर जागरूक रहने और फर्जी कॉल या मैसेज से सावधान रहने की प्रेरणा मिलेगी।

UP Prime News एनालिसिस:

बड़े पैमाने पर की गई यह छापेमारी पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को दर्शाती है। हालांकि, बड़ी संख्या में आरोपियों का भाग निकलना यह संकेत देता है कि स्थानीय स्तर पर अभी भी निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

मथुरा (उत्तर प्रदेश) | UP Prime News

Published: February 24, 2026 | 03:24 PM IST

By UP Prime News Desk



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