कानपुर: रील बना रहे ट्रांसजेंडर को पुलिस सिपाही ने सरेआम किया 'KISS', वीडियो वायरल होने पर अब नौकरी बचाने की लगा रहा गुहार
कानपुर (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के प्रसिद्ध आनंदेश्वर मंदिर के पास ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल ने रील बना रहे एक ट्रांसजेंडर युवक के गाल पर सरेआम किस (Kiss) कर दिया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुआ, देखते ही देखते जंगल की आग की तरह फैल गया। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अब आरोपी सिपाही अपनी नौकरी पर खतरा मंडराता देख वीडियो हटवाने के लिए मिन्नतें कर रहा है।
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| कानपुर पुलिस सिपाही और ट्रांसजेंडर का वायरल वीडियो मामला : फोटो : UP prime news |
यह घटना कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, आनंदेश्वर मंदिर के पास एक सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कई टीमें वहां तैनात की गई थीं। इसी दौरान, वहां मौजूद एक ट्रांसजेंडर युवक फिल्मी गाने पर मोबाइल से रील रिकॉर्ड कर रहा था। बैकग्राउंड में 'छैला बाबू तू कैसा दिलदार निकला...' गाना चल रहा था। तभी गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों में से एक सिपाही अचानक उस युवक के पास आया और कैमरे की ओर देखते हुए मुस्कुराकर उसे चूम लिया।
जैसे ही यह रील इंस्टाग्राम पर साझा की गई, इसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। आम जनता ने पुलिस के इस आचरण की कड़ी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि वर्दी में तैनात एक जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी से इस तरह के गैर-अनुशासित व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोगों ने यूपी पुलिस की छवि को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए। स्थिति को बिगड़ता देख और विभागीय कार्रवाई के डर से आरोपी सिपाही घबरा गया। उसने वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति के कमेंट सेक्शन में जाकर बार-बार अनुरोध किया कि इस पोस्ट को हटा दिया जाए, क्योंकि इससे उसकी नौकरी जा सकती है। सिपाही ने निजी तौर पर भी संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन जब वीडियो नहीं हटा, तो उसने अपनी सोशल मीडिया आईडी ही डिलीट कर दी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कर्नलगंज, अमित कुमार चौरसिया ने तत्काल संज्ञान लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वीडियो में दिख रहा कांस्टेबल ग्वालटोली थाने का स्थायी स्टाफ नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि वह किसी अन्य यूनिट या लाइन से विशेष ड्यूटी के लिए वहां भेजा गया था। पुलिस अब इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और घटना के सटीक स्थान व समय की पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी सिपाही के खिलाफ सख्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर की यह घटना उस समय सामने आई है जब पुलिस विभाग को लगातार जनता के प्रति संवेदनशील और अनुशासित रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर वर्दी की मर्यादा का उल्लंघन करना न केवल व्यक्तिगत चूक है, बल्कि यह पूरे विभाग की साख पर धब्बा लगाता है। इस वीडियो ने डिजिटल युग में पुलिसकर्मियों की नैतिकता और उनके सार्वजनिक व्यवहार पर एक नई बहस छेड़ दी है।
खबर का बैकग्राउंड:
कानपुर का आनंदेश्वर मंदिर (परमट) एक अत्यंत प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल है, जहाँ हर रोज़ हज़ारों श्रद्धालु आते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों और मेलों के दौरान यहाँ भारी सुरक्षा बल तैनात रहता है। पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश होते हैं कि वे ड्यूटी के दौरान सतर्क रहें और मर्यादा बनाए रखें। पूर्व में भी रील बनाने और ड्यूटी पर लापरवाही के चलते कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। यह मामला फिर से उसी अनुशासनहीनता को दर्शाता है जो अक्सर सोशल मीडिया के आकर्षण में आकर पुलिसकर्मी कर बैठते हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना का आम जनता पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लोगों का मानना है कि यदि रक्षक ही सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो कानून-व्यवस्था और वर्दी के प्रति सम्मान कम होगा। खासकर ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे 'पावर का गलत इस्तेमाल' और 'अनैतिक आचरण' करार दे रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से पुलिस और जनता के बीच के भरोसे के रिश्ते को ठेस पहुँचती है।
UP Prime News एनालिसिस:
वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक है। रील कल्चर के इस दौर में पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह की हरकते विभागीय मर्यादा को तार-तार करती हैं। जांच के बाद सख्त कार्रवाई ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र जरिया है।
कानपुर | UP Prime News
Published: 24 फरवरी, 2024 | 01:18 PM IST
By UP Prime News Desk

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