मेरठ के लिसाड़ी गेट में भीषण आग का तांडव: एक ही परिवार के 6 सदस्यों की झुलसकर मौत, संकरी गलियों ने छीनीं कई जानें
मेरठ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किदवई नगर, इस्लामाबाद इलाके में सोमवार की देर रात एक मकान में भीषण आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतकों में एक महिला और उसके पांच मासूम बच्चे शामिल हैं, जिनमें से दो महज 6 महीने की जुड़वां बहनें थीं। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। जिस समय यह हादसा हुआ, परिवार के पुरुष सदस्य मस्जिद में तरावीह की नमाज पढ़ने गए हुए थे, जिसके कारण घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे खुद को बचाने में असमर्थ रहे।
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| मेरठ अग्निकांड घर के बाहर जूठी भीड़ और पुलिस UP prime news |
यह घटना इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में स्थित एक तीन मंजिला मकान में हुई, जो कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का बताया जा रहा है। इस मकान में इकबाल अहमद के साथ उनके दो बेटों, आसिम और फारूक के परिवार भी निवास करते थे। मकान की बनावट कुछ इस प्रकार थी कि इसके प्रथम तल पर 'आई संस एम्ब्रॉयडरी' नाम का एक कारखाना संचालित होता था, जहाँ पावरलूम के जरिए धागों से कपड़े तैयार किए जाते थे। परिवार के सदस्य दूसरी मंजिल पर रहते थे। सोमवार रात करीब 9:30 बजे अचानक प्रथम तल पर स्थित कारखाने में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कारखाने में रखे धागों और कपड़ों के कारण आग तेजी से फैली और पूरी इमारत को धुएं के गुबार ने घेर लिया।
हादसे की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया, लेकिन इलाके की घनी आबादी और बेहद संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में स्थानीय निवासियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर छतों के रास्ते घर में प्रवेश किया और झुलसी हुई महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने निजी संसाधनों और बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। हालांकि, जब तक पीड़ितों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। सभी घायलों को तत्काल पास के राजधानी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने पांच बच्चों और आसिम की पत्नी रुखसार को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना में जान गंवाने वालों की सूची अत्यंत दुखद है। मृतकों में रुखसार (30 वर्ष) पत्नी आसिम, उनके तीन बच्चे—अकदस (3 वर्ष), और 6 महीने की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत शामिल हैं। इसके अलावा, आसिम के भाई फारूक की 12 वर्षीय बेटी महविश और 4 वर्षीय बेटा हम्माद भी इस हादसे का शिकार हो गए। वहीं, इकबाल अहमद की पत्नी अमीर बानो और एक अन्य युवक शहजाद इस घटना में गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
प्रशासनिक स्तर पर, हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना। जिलाधिकारी ने पुष्टि की है कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट ही आग का मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है, लेकिन मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संकरी गलियों की वजह से बचाव कार्य में काफी चुनौतियां आईं, जिससे समय रहते मदद पहुंचाने में बाधा उत्पन्न हुई।
खबर का बैकग्राउंड:
मेरठ का लिसाड़ी गेट इलाका अपनी घनी आबादी और छोटे-बड़े घरेलू कारखानों के लिए जाना जाता है। यहाँ कई आवासीय मकानों में ही कपड़ा बुनाई, एम्ब्रॉयडरी और अन्य लघु उद्योग संचालित होते हैं। अक्सर इन कारखानों में बिजली के तारों का जाल फैला रहता है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता है। इस मामले में भी आवासीय परिसर के भीतर औद्योगिक गतिविधि का होना जानलेवा साबित हुआ, क्योंकि आग कारखाने से शुरू होकर रिहायशी हिस्से तक पहुँच गई।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और शहरी नियोजन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संकरी गलियों के कारण फायर टेंडर्स का न पहुँच पाना एक बड़ा सबक है कि ऐसे क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक रास्ते या छोटे अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता अनिवार्य होनी चाहिए। स्थानीय जनता में इस हादसे के बाद गहरा शोक और सुरक्षा को लेकर डर का माहौल है, विशेषकर उन परिवारों में जो इसी तरह के मिश्रित आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्रों में रहते हैं।
UP Prime News एनालिसिस:
यह दुखद घटना शहरी क्षेत्रों में अवैध या असुरक्षित रूप से संचालित हो रहे घरेलू उद्योगों की ओर इशारा करती है। प्रशासन को आवासीय क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट (Fire Safety Audit) को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में मासूमों की जान को ऐसे खतरों से बचाया जा सके।
मेरठ (उत्तर प्रदेश) | UP Prime News
Published: February 24, 2026 | 06:21 AM IST
By UP Prime News Desk

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