गोरखपुर उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में होली की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने सड़क पर चल रहे बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण सड़क हादसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र आकाश पांडेय की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर घटित हुई, जहां गलत दिशा (wrong side) से आ रही एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छात्र उछलकर ओवरब्रिज की रेलिंग में फंस गया और उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
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| गोरखपुर सड़क हादसा और आरोपी गोल्डन साहनी की गिरफ्तारी |
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वाहन को स्थानीय नेता और प्रॉपर्टी डीलर गोल्डन साहनी चला रहा था। हादसे के समय कार की रफ्तार काफी अधिक थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी नेता गोल्डन साहनी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी फॉर्च्यूनर कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक छात्र आकाश पांडेय मूल रूप से संत कबीर नगर का रहने वाला था और भविष्य में डॉक्टर बनकर समाज सेवा का सपना देख रहा था, जो इस हादसे के साथ ही टूट गया।
सोशल मीडिया पर आरोपी गोल्डन साहनी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिस हिरासत में होने के बावजूद बेहद लापरवाह और बेखौफ नजर आ रहा है। वीडियो में उसे अपनी जेब में हाथ डालकर 'भौकाल' दिखाते हुए देखा जा सकता है, जिसे लेकर जनता में काफी रोष है। आरोपी के चेहरे पर एक कीमती जान लेने का कोई मलाल नहीं दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, गोल्डन साहनी के राजनीतिक संबंध एक रसूखदार मंत्री से भी बताए जा रहे हैं और वह आगामी ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तैयारी में जुटा था। इस हादसे में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
खबर का बैकग्राउंड:
गोरखपुर का मोहद्दीपुर ओवरब्रिज अक्सर यातायात के नियमों के उल्लंघन और तेज रफ्तार के लिए चर्चा में रहता है। आरोपी गोल्डन साहनी इलाके का एक जाना-माना प्रॉपर्टी डीलर है और राजनीतिक गलियारों में सक्रिय रहता है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हादसे के वक्त कहीं आरोपी नशे की हालत में तो नहीं था।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने शहर के युवाओं और मेडिकल समुदाय में गहरा दुख और गुस्सा पैदा कर दिया है। रसूखदार लोगों द्वारा यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने और निर्दोषों की जान लेने की बढ़ती घटनाओं ने आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस हिरासत में आरोपी का 'एटीट्यूड' कानून के प्रति उसके बेखौफ होने को दर्शाता है, जिससे न्याय प्रणाली पर जनता का भरोसा डगमगा सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
किसी भी रसूखदार व्यक्ति द्वारा नियम तोड़कर गाड़ी चलाना सीधे तौर पर कानून को चुनौती देना है। इस मामले में पुलिस की निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई ही पीड़ित परिवार को न्याय दिला सकती है और समाज में एक कड़ा संदेश दे सकती है।
गोरखपुर | UP Prime News
Published: March 06, 2026 | 10:10 AM IST
By UP Prime News Desk
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