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मुरादाबाद में खौफनाक वारदात: शादी के 9 साल बाद भी बच्चा न होने पर पति ने पत्नी की गला रेतकर की हत्या, फिर खुद भी दे दी जान

 मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक हंसते-खेलते परिवार का अंत बेहद दर्दनाक तरीके से हुआ। मंझोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली काशीराम कॉलोनी के पास के जंगलों में एक युवक और उसकी पत्नी के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में यह मामला पति द्वारा पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस भीषण कदम के पीछे की वजह शादी के 9 साल बाद भी संतान सुख न मिल पाना बताई जा रही है।

फोटो : UP prime news







बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मंझोला पुलिस को सूचना मिली कि काशीराम कॉलोनी के जंगल में एक युवक लहूलुहान हालत में पड़ा है। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वहां का दृश्य विचलित करने वाला था। 32 वर्षीय विनोद खून से लथपथ तड़प रहा था। पुलिस ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जब पुलिस ने घटनास्थल की सघन तलाशी ली, तो विनोद के शव से करीब 15 मीटर की दूरी पर उसकी पत्नी ममता का शव भी बरामद हुआ। ममता का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था। पास ही एक बाइक भी खड़ी मिली, जिसके आधार पर मृतकों की शिनाख्त सिविल लाइंस के नयागांव निवासी के रूप में हुई।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, विनोद और ममता की शादी को 9 साल बीत चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। इसी बात को लेकर अक्सर दोनों के बीच विवाद और मानसिक तनाव रहता था। बुधवार को सुबह तक घर में सब कुछ सामान्य लग रहा था। विनोद ने परिजनों के साथ होली भी खेली थी। दोपहर करीब दो बजे विनोद ने अपनी पत्नी ममता से कहा कि वे उसके मायके (सोनकपुर) जा रहे हैं। दोनों खुशी-खुशी बाइक पर सवार होकर निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वे कभी वापस नहीं लौटेंगे। रास्ते में सोनकपुर पुल के पास काशीराम कॉलोनी के जंगल में विनोद ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और फिर खुद को भी खत्म कर लिया।

पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या के बाद आत्महत्या का लग रहा है। विनोद ने पहले चाकू से अपनी पत्नी ममता पर हमला किया और फिर उसी चाकू से खुद के पेट और शरीर पर वार कर अपनी जान दे दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा। फिलहाल, इस घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

खबर का बैकग्राउंड:

विनोद और ममता का दांपत्य जीवन पिछले कुछ समय से संतान न होने के कारण तनावपूर्ण चल रहा था। 9 वर्षों का लंबा समय बीतने के बाद सामाजिक और मानसिक दबाव के कारण विनोद अवसाद में रहने लगा था। परिजनों के अनुसार, होली के दिन भी वह अंदर ही अंदर किसी बात को लेकर परेशान था, लेकिन उसने इसका आभास किसी को नहीं होने दिया।

पब्लिक इम्पैक्ट:

यह घटना समाज के उस काले सच को उजागर करती है, जहां आज भी 'संतान न होना' एक बड़ा सामाजिक कलंक माना जाता है। इस तरह के दबाव में आकर लोग मानसिक संतुलन खो बैठते हैं और आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग की सख्त जरूरत है, ताकि पारिवारिक विवादों का समाधान हिंसा के बजाय बातचीत से निकल सके।

UP Prime News एनालिसिस:

यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक गहरे सामाजिक और मनोवैज्ञानिक संकट का परिणाम है। वैवाहिक विवादों और संतान न होने जैसे मुद्दों पर समय रहते पेशेवर मदद न लेना ऐसे नृशंस अंत का कारण बनता है। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन समाज को भी संवेदनशील होने की आवश्यकता है।

मुरादाबाद | UP Prime News

Published: March 05, 2026 | 12:05 PM IST

By UP Prime News Desk




















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