रमजान 2026: उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और मेरठ सहित कई शहरों के लिए 15 मार्च की सहरी का समय जारी
उत्तर प्रदेश:
इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने रमजान का आगाज हो चुका है और पूरे उत्तर प्रदेश में इबादत का दौर जारी है। रमजान के इस मुकद्दस महीने में रोजेदारों के लिए सहरी और इफ्तार का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। 15 मार्च 2026 (रविवार) को होने वाली सहरी के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद और मेरठ के लिए सटीक समय सारणी जारी कर दी गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूरज निकलने से पहले किए जाने वाले भोजन को सहरी कहा जाता है, जिसके बाद फज्र की अजान के साथ रोजे की शुरुआत होती है।
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| सहरी सांकेतिक फोटो : UP prime news |
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विस्तार के कारण अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर होता है, यही वजह है कि हर शहर के लिए सहरी का समय अलग तय किया गया है। स्थानीय मस्जिदों और उलेमाओं द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, सुन्नी और शिया समुदायों के लिए भी सहरी के समय में कुछ मिनटों का अंतर देखा जा सकता है। प्रशासन और स्थानीय कमेटियों ने यह सुनिश्चित किया है कि रोजेदारों तक सही समय की जानकारी समय पर पहुंच जाए ताकि किसी को भी असुविधा न हो।
लखनऊ में 15 मार्च को सहरी का आखिरी समय सुबह 04:58 बजे निर्धारित किया गया है। वहीं, कानपुर में सुन्नी समुदाय के लिए यह समय सुबह 4:58 बजे और शिया समुदाय के लिए सुबह 4:49 बजे तय किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में समय थोड़ा आगे है, जैसे मेरठ में सहरी सुबह 5:10 बजे तक की जा सकती है। रोजेदारों में सहरी को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है और बाजारों में भी देर रात तक चहल-पहल बनी हुई है।
प्रमुख शहरों में 15 मार्च की सहरी का विस्तृत समय:
उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में सहरी के समय की सूची नीचे दी गई है, ताकि रोजेदार अपनी तैयारी समय से पूरी कर सकें:
लखनऊ: सुबह 04:58 बजे
कानपुर: सुन्नी - 4:58 बजे, शिया - 4:49 बजे
बरेली: सुन्नी - 5:01 बजे, शिया - 4:52 बजे
शाहजहांपुर: सुबह 4:57 बजे
बदायूं: सुन्नी - 4:59 बजे, शिया - 4:54 बजे
मुरादाबाद: सुन्नी - 5:02 बजे, शिया - 4:57 बजे
रामपुर: सुन्नी - 4:53 बजे, शिया - 4:54 बजे
संभल: सुन्नी - 5:02 बजे, शिया - 4:55 बजे
अमरोहा: सुन्नी - 5:05 बजे, शिया - 5:00 बजे
बिजनौर: सुन्नी - 5:03 बजे, शिया - 4:57 बजे
सहारनपुर: सुन्नी - 5:09 बजे, शिया - 5:00 बजे
मुजफ्फरनगर: सुन्नी - 5:09 बजे, शिया - 5:00 बजे
शामली: सुन्नी - 5:07 बजे, शिया - 5:01 बजे
मेरठ: सुन्नी - 5:10 बजे, शिया - 5:09 बजे
हाथरस: सुन्नी - 5:09 बजे, शिया - 4:57 बजे
भदोही: सुन्नी - 4:53 बजे, शिया - 4:52 बजे
मऊ: सुन्नी - 4:50 बजे, शिया - 4:45 बजे
जौनपुर: सुन्नी - 4:43 बजे, शिया - 4:53 बजे
मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिए सहरी खत्म होने के समय का एलान लगातार किया जाता है, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी समय का पता चल जाता है। इसके अलावा, आजकल डिजिटल माध्यमों और मोबाइल एप्स का भी खूब इस्तेमाल हो रहा है। उलेमाओं ने रोजेदारों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से दो-तीन मिनट पहले ही सहरी मुकम्मल कर लें ताकि रोजा पूरी शुद्धता के साथ शुरू हो सके।
खबर का बैकग्राउंड:
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे सब्र और इबादत का महीना माना जाता है। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह सहरी से लेकर शाम को इफ्तार तक बिना कुछ खाए-पिये रोजा रखते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पूरब से पश्चिम तक सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में 15 से 20 मिनट तक का अंतर हो सकता है, इसलिए हर शहर की अपनी अलग 'जंत्री' या समय सारणी होती है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
सहरी के सटीक समय की जानकारी मिलने से रोजेदारों को अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। खासकर कामकाजी लोगों और छात्रों के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। समय की स्पष्टता से समुदायों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होती और सभी लोग एक साथ धार्मिक अनुष्ठानों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कर पाते हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस दौरान बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
UP Prime News एनालिसिस:
रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार के समय का निर्धारण पूरी तरह से खगोलीय गणना और धार्मिक परंपराओं पर आधारित होता है। सटीक समय की जानकारी न केवल धार्मिक दृष्टि से अनिवार्य है, बल्कि यह सामाजिक अनुशासन और एकता का भी प्रतीक है।
लखनऊ | UP Prime News
Published: March 14, 2026 | 08:40 PM IST
By UP Prime News Desk

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