मिर्जापुर: सुबह की सैर पर निकले वकील की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, वारदात के बाद बदमाशों की बाइक ने दिया धोखा
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बेखौफ बदमाशों ने कानून के रक्षक यानी एक वकील की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान राजीव कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से अधिवक्ता थे। जानकारी के अनुसार, राजीव कुमार सिंह रोज़ाना की तरह आज सुबह भी मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी घात लगाए बैठे बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों में से एक ने अपने गले में गमछा डाल रखा था। वह वकील के बिल्कुल करीब पहुँचा और अपने पास रखे देसी तमंचे से उनकी छाती में गोली उतार दी। गोली लगने के तुरंत बाद राजीव कुमार सिंह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
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| मिर्जापुर में वकील राजीव कुमार सिंह की हत्या का सीसीटीवी फुटेज |
इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाला और नाटकीय मोड़ तब आया जब हत्या को अंजाम देने के बाद बदमाश भागने की कोशिश करने लगे। जैसे ही शूटर अपने साथी की बाइक पर पीछे बैठा, उनकी बाइक स्टार्ट नहीं हुई। चश्मदीदों ने बताया कि बाइक चलाने वाले बदमाश ने करीब 19 बार किक मारी, लेकिन मोटरसाइकिल चालू नहीं हुई। इस दौरान मौके पर मौजूद लोग सहम गए थे। जब 19 कोशिशें नाकाम रहीं, तब पीछे बैठे मुख्य हमलावर (जिसने गमछा लिया था) ने अपना तमंचा बाइक के बैग में रखा और खुद उतरकर किक मारनी शुरू की। तीन और कोशिशों के बाद आखिरकार बाइक स्टार्ट हुई। इस बीच जब राहगीरों ने हिम्मत दिखाकर पास आने की कोशिश की, तो दूसरे बदमाश ने दोबारा तमंचा लहराकर उन्हें डरा दिया और फिर दोनों तेजी से फरार हो गए।
पुलिस प्रशासन को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, जिसमें बदमाश भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिवक्ता की इस तरह सरेआम हत्या से स्थानीय वकीलों और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है। कचहरी परिसर में भी इस घटना के बाद शोक और गुस्से की लहर है, वकील सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस की शुरुआती जाँच में यह मामला रंजिश का लग रहा है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो बदमाशों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मिर्जापुर के इस शांत इलाके में हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे अपराधी दिन के उजाले में बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं पर हमले के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जिसके कारण वकील समुदाय लगातार 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' की माँग करता रहा है। मिर्जापुर की यह घटना उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है जहाँ एक प्रतिष्ठित वकील को उनके घर के पास ही निशाना बनाया गया। अपराधियों में कानून का डर कम होना और अवैध हथियारों (तमंचा) की आसान उपलब्धता इस तरह की वारदातों को बढ़ावा दे रही है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना के बाद मिर्जापुर के स्थानीय निवासियों, विशेषकर मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर वकील जैसे रसूखदार व्यक्ति सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है। बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा पसरा है और लोग इस तरह की दुस्साहसिक वारदात से डरे हुए हैं। बार एसोसिएशन ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे अदालती कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।
UP Prime News एनालिसिस:
दिनदहाड़े हुई यह हत्या पुलिस की गश्त और इंटेलिजेंस नेटवर्क की विफलता को दर्शाती है। अपराधियों द्वारा भागते समय जनता को डराना यह बताता है कि उनमें पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है, जिसे बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
मिर्जापुर | UP Prime News
Published: April 11, 2026 | 09:55 AM IST
By UP Prime News Desk

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