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सहारनपुर: नाबालिग को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, साजिश में शामिल चाची की तलाश तेज

 उत्तर प्रदेश]:

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के गंगोह थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग किशोरी के साथ हुई हैवानियत के मामले में पुलिस ने मुख्य अभियुक्त शिवम को धर दबोचा है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिवम पर आरोप है कि उसने नाबालिग युवती को उसके घर में ही बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में काफी तनाव और आक्रोश का माहौल था, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था।

सहारनपुर पुलिस की हिरासत में दुष्कर्म का आरोपी
सहारनपुर पुलिस की हिरासत में दुष्कर्म का आरोपी








घटनाक्रम की शुरुआत 17 अप्रैल से हुई थी, लेकिन मामले की गंभीरता तब सामने आई जब 19 अप्रैल 2026 को पीड़िता के पिता ने गंगोह थाने में तहरीर दी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम दूधला निवासी शिवम ने उनकी नाबालिग बेटी को घर के भीतर बंधक बनाया और जबरन उसके साथ गलत काम किया। इतना ही नहीं, पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी को मौके से फरार होने में उसकी सगी चाची ने मदद की थी। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी के साथ-साथ उसकी चाची को भी साजिश रचने का आरोपी बनाया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहारनपुर ने इस मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए टीम गठित कर अभियुक्त की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी गंगोह के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिरों का जाल बिछाया। आखिरकार, 24 अप्रैल 2026 को एक पुख्ता सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार की टीम ने अभियुक्त शिवम को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 61(2), 127(2), 351(2) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गंगोह थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्यवाही पूर्ण कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वहीं, घटना में शामिल चाची और अन्य संभावित संदिग्धों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है, हालांकि नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते ऐसे अपराधों ने समाज में चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

खबर का बैकग्राउंड:

यह पूरा मामला सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के ग्राम दूधला से जुड़ा है, जहां 17 अप्रैल को एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में 19 अप्रैल को मुकदमा संख्या 203/2026 दर्ज किया गया। आरोपी वारदात के बाद अपनी चाची की मदद से फरार होने में सफल रहा था, जिसे पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस तरह की घटनाओं से ग्रामीण अंचलों में महिलाओं और विशेषकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल पैदा होता है। पुलिस द्वारा की गई त्वरित गिरफ्तारी से जनता में कानून के प्रति विश्वास बहाल होता है। हालांकि, यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे अपनों की मिलीभगत से अपराधी बचने की कोशिश करते हैं।

UP Prime News एनालिसिस:

महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का यह एक स्पष्ट उदाहरण है। गंभीर धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि न्याय की प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सहारनपुर | UP Prime News

Published: April 25, 2026 | 09:30 AM IST

By UP Prime News Desk





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