बागपत में दोस्ती का खौफनाक अंत: पत्नी के अवैध संबंधों के चलते तीन 'जिगरी दोस्तों' ने रची हत्या की साजिश, ईंट से कूचकर उतारा मौत के घाट
उत्तर प्रदेश]:
बागपत (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने दोस्ती और भरोसे जैसे पवित्र रिश्तों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यहां शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मितली गांव में एक व्यक्ति की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की रूह कंपा देने के लिए काफी हैं। मृतक की पहचान मूलचंद उर्फ सोनू के रूप में हुई है, जो गांव में ही फास्ट फूड की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। पुलिस के अनुसार, मूलचंद की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके उन तीन सबसे करीबी दोस्तों ने की है, जिन्हें वह अपना 'जिगरी' यार समझता था।
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| बागपत पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी दोस्त |
पुलिस की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इस हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह अवैध प्रेम प्रसंग थी। बताया जा रहा है कि मृतक मूलचंद की पत्नी के साथ उसके तीनों दोस्तों—विशाल, दीपक और रिंकू के अवैध संबंध थे। इन तीनों को लगता था कि मूलचंद उनके और उसकी पत्नी के बीच का सबसे बड़ा कांटा है। इसी 'रुकावट' को रास्ते से हटाने के लिए इन तीनों ने मिलकर एक ऐसी साजिश रची, जिसे सुनकर पुलिस विभाग भी हैरान रह गया। आरोपियों ने पहले मूलचंद का विश्वास जीता और फिर उसे मौत के जाल में फंसा लिया।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक बेहद शातिराना तरीका अपनाया। उन्होंने मूलचंद को बहाने से घर से बुलाया और पार्टी करने की बात कही। 2 मई की सुबह मूलचंद का शव एक ट्यूबवेल के पास लहूलुहान हालत में बरामद हुआ था। जांच में पाया गया कि हत्यारों ने ट्यूबवेल पर बैठकर पहले मूलचंद के साथ शराब और बीयर पी। जैसे ही मूलचंद नशे में पूरी तरह धुत हो गया और अपनी सुध-बुध खो बैठा, इन तीनों 'दोस्तों' ने अपनी असली हैवानियत दिखाई। उन्होंने पास ही पड़ी एक भारी ईंट उठाई और मूलचंद के सिर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। वार इतने घातक थे कि मूलचंद को संभलने तक का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उसकी जान चली गई।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सूरज राय ने तत्काल टीमों का गठन कर जांच के निर्देश दिए थे। पुलिस ने घटना स्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और वहां से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मृतक के कॉल रिकॉर्ड्स साबित हुए। कॉल डिटेल्स खंगालने पर पता चला कि घटना वाली रात मूलचंद की बात इन्हीं तीनों दोस्तों से हुई थी। इसके आधार पर पुलिस ने संदेह के घेरे में आए विशाल, दीपक और रिंकू को हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ के सामने तीनों आरोपियों ने अधिक देर तक झूठ नहीं बोला और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी ईंट भी बरामद कर ली है।
खबर का बैकग्राउंड:
यह मामला बागपत के मितली गांव का है, जहां मृतक मूलचंद अपनी फास्ट फूड की दुकान चलाता था। उसके दोस्त विशाल, दीपक और रिंकू का अक्सर उसके घर आना-जाना था। इसी दौरान तीनों के मृतक की पत्नी के साथ अनैतिक संबंध बन गए थे। तीनों आरोपियों ने एक साथ मिलकर इस हत्या की योजना इसलिए बनाई ताकि वे बिना किसी रोक-टोक के अपने संबंधों को जारी रख सकें। मृतक को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि जिन दोस्तों के साथ वह दावत कर रहा है, वही उसकी मौत का सामान तैयार कर चुके हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने समाज में रिश्तों के प्रति अविश्वास और असुरक्षा की भावना पैदा की है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि अवैध संबंधों की खातिर कोई अपने ही दोस्त की जान इतनी निर्ममता से कैसे ले सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस हत्याकांड के बाद से गहरा रोष है। यह घटना संदेश देती है कि आंख मूंदकर किसी पर भरोसा करना कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है। साथ ही, यह समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर भी इशारा करती है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह हत्याकांड सुनियोजित साजिश और मानवीय संवेदनाओं के पतन का स्पष्ट उदाहरण है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने भले ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया हो, लेकिन यह मामला सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों की गहरी दरार को उजागर करता है।
[बागपत, उत्तर प्रदेश] | UP Prime News
Published: May 04, 2026 | 07:51 PM IST
By UP Prime News Desk

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