यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड की तरह करेंगे काम: उपभोक्ताओं को मिली 15 दिन की मोहलत और किस्तों में भुगतान की बड़ी सुविधा
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरा फैसला लिया है। प्रदेश में लंबे समय से प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सरकार ने पूरी व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन कर दिया है। अब राज्य के सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर 'पोस्टपेड' व्यवस्था की तर्ज पर काम करेंगे। इस नई व्यवस्था के लागू होने से उपभोक्ताओं को न केवल अचानक बिजली कटने के डर से मुक्ति मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने बिजली बिल का प्रबंधन करने के लिए पर्याप्त समय भी मिल सकेगा।
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| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फोटो : UP Prime News |
सरकार के इस नए आदेश के अनुसार, अब प्रीपेड उपभोक्ताओं को भी हर महीने के अंत में बिजली का विस्तृत बिल दिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल मिलने के बाद उपभोक्ताओं के पास भुगतान करने के लिए पूरे 15 दिनों का समय होगा। इससे पहले प्रीपेड मीटरों में बैलेंस खत्म होते ही बिजली तत्काल गुल हो जाती थी, जिससे उपभोक्ताओं को विशेष रूप से रात के समय या अवकाश के दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सरकार के इस कदम से अब मध्यवर्गीय और गरीब परिवारों को आर्थिक प्रबंधन में बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बिजली बिलिंग की प्रक्रिया को अब और अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है। हर महीने की पहली तारीख से लेकर अंतिम तारीख तक जितनी बिजली की खपत होगी, उसका पूरा हिसाब तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित बिजली विभाग 10 तारीख तक उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बिल भेज देगा। यह बिल एसएमएस (SMS) और व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से सीधे उपभोक्ता तक पहुंचेगा, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।
पुराने बकाये और सिक्योरिटी मनी पर भी मिली राहत
इस नई नीति में केवल चालू बिलिंग ही नहीं, बल्कि पुराने बकाये को लेकर भी सरकार ने दरियादिली दिखाई है। 30 अप्रैल तक जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है, उन्हें सरकार ने 10 आसान किस्तों में पैसे जमा करने की अनुमति दी है। यह उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी संजीवनी है जो एकमुश्त भारी रकम जमा करने में असमर्थ थे। अब वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के धीरे-धीरे अपना बकाया चुका सकेंगे और उनकी बिजली भी नहीं काटी जाएगी।
इसके साथ ही, सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Money) को लेकर भी एक स्पष्ट ढांचा तैयार किया गया है। पूर्व में जब उपभोक्ताओं को पोस्टपेड से प्रीपेड पर शिफ्ट किया गया था, तब उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। अब नई व्यवस्था में वह राशि पुनः ली जाएगी, लेकिन इसे भी एक बार में न लेकर 4 समान किस्तों में लिया जाएगा। सरकार का तर्क है कि इससे उपभोक्ताओं पर अचानक कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और सिस्टम भी सुचारू रूप से चलता रहेगा।
शिकायतों के समाधान के लिए लगेंगे विशेष कैंप
स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने के लिए सरकार ने 'मई और जून' के महीनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के हर खंड और उपखंड स्तर पर विशेष शिविर (Camps) लगाए जाएंगे। इन कैंपों में उपभोक्ता अपनी बिलिंग संबंधी समस्याओं, मीटर की तेज गति या तकनीकी खामियों की शिकायत सीधे अधिकारियों से कर सकेंगे। इसके अलावा, यदि कोई उपभोक्ता व्हाट्सएप या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत करना चाहता है, तो उसके लिए भी पोर्टल और चैटबॉट की सुविधा को और अधिक दुरुस्त किया गया है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: आपूर्ति और बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल बिलिंग व्यवस्था सुधारना ही काफी नहीं है, बल्कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए गए हैं कि तय समय सीमा के भीतर ही बिजली सप्लाई दी जाए। विशेष रूप से गर्मी के मौसम को देखते हुए ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में उन्हें तत्काल बदलने का आदेश दिया गया है। निगरानी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं जो सीधे शासन को रिपोर्ट करेंगे।
विभिन्न क्षेत्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी आपात स्थिति में भटकना न पड़े:
पूर्वांचल: +91 8010968292
मध्यांचल: +91 7669003409
पश्चिमांचल: +91 7859804803
दक्षिणांचल: +91 8010957826
केस्को (कानपुर): +91 8287835233
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी आई थी। हालांकि, उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायत यह थी कि मीटर में पैसे खत्म होते ही बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कट जाती थी। कई बार सर्वर डाउन होने की वजह से रिचार्ज करने के बावजूद घंटों बिजली नहीं आती थी। इन समस्याओं के कारण जनता के बीच बढ़ते असंतोष को देखते हुए सरकार ने प्रीपेड को पोस्टपेड हाइब्रिड मॉडल में बदलने का निर्णय लिया है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस निर्णय का सीधा असर यूपी के लगभग 3.5 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। 15 दिन का 'ग्रेस पीरियड' मिलने से सैलरी क्लास और दिहाड़ी मजदूरों को समय पर बिल भरने में आसानी होगी। बिजली का अचानक कट जाना बंद होने से छोटे उद्योगों और छात्रों को पढ़ाई में मदद मिलेगी। साथ ही, किस्तों में भुगतान की सुविधा से बकायेदारों को भी कानूनी कार्रवाई से बचने का एक मौका मिलेगा।
UP Prime News एनालिसिस:
सरकार का यह कदम तकनीकी जटिलताओं और जमीनी हकीकत के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है। प्रीपेड की पारदर्शिता और पोस्टपेड की सुविधा को मिलाकर बनाया गया यह मॉडल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
लखनऊ | UP Prime News
Published: 05 मई, 2026 | 10:47 AM IST
By UP Prime News Desk

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