UP PRIME NEWS: वाराणसी में रोपवे संचालन के लिए तय होगी जमीन, यात्रियों की सुविधा पर जोर
वाराणसी में जल्द ही रोपवे यात्रा और भी सुगम होने जा रही है। बुधवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) में रोपवे परियोजना के संचालन, स्टेशन क्षेत्र की व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुविधा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई।
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वाराणसी में जल्द ही रोपवे यात्रा और भी सुगम होने जा रही है। बुधवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) में रोपवे परियोजना के संचालन, स्टेशन क्षेत्र की व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुविधा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने की, जिसमें एनएचएलएमएल (नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड) की परियोजना निदेशक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक रोपवे स्टेशन पर ड्रॉप और पिकअप जोन के लिए निश्चित स्थल चिह्नित किए जाएंगे, ताकि यात्रियों और वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न हो। साथ ही, स्टेशनों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर उसका लेआउट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बैठक में मोबिलिटी, कनेक्टिविटी, सर्कुलेशन प्लान, पार्किंग और फीडर बसों के संचालन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस परियोजना को जनता की सुविधाओं से जोड़ते हुए बेहतर और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन के रूप में विकसित कर रही हैं।
रोपवे परियोजना का प्रमोटर एनएचएलएमएल है, जो इस कार्य में मेसर्स विश्व समुद्र इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और स्विट्जरलैंड की कंपनी बर्थोलेट की तकनीकी सहायता ले रहा है।
शहर के डिवाइडरों पर सांस्कृतिक रंग
शहर की सुंदरता और स्वच्छता को बढ़ाने के लिए वीडीए की ओर से वाराणसी के सड़क डिवाइडरों पर आकर्षक चित्रकारी कराई जा रही है।
पहले चरण में कबीरचौरा मार्ग को मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, जहां गंगा घाटों और बनारस की संगीत परंपरा को दीवारों और डिवाइडरों पर कलात्मक ढंग से उकेरा गया है।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग के अनुसार, यह प्रयास न केवल शहर को सुंदर बनाएगा बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को भी सड़कों पर जीवंत करेगा।
गंगा घाटों की छवियों वाली यह कलाकृतियां आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को बनारस की अद्भुत परंपरा से परिचित कराएंगी।

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