अमरोहा में 'खाकी' का खौफनाक चेहरा: शादी में पर्स चोरी के शक में 10 साल के मासूम को दिए बिजली के झटके!
[रिपोर्ट: UP Prime News]
अमरोहा: उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमरोहा से जो खबर सामने आई है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। यहाँ पुलिस ने "मित्र पुलिस" के स्लोगन को तार-तार करते हुए चोरी के शक में मासूम बच्चों के साथ तालिबानी सजा जैसा व्यवहार किया है।
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| सांकेतिक फोटो :- up prime news |
शादी की खुशियों के बीच मातम की दस्तक
घटना रविवार रात की है। शहर में एक शादी समारोह चल रहा था, जहाँ लोग दावत का लुत्फ उठा रहे थे। इसी दौरान एक कारोबारी की पत्नी का पर्स गायब हो गया। शक की सुई वहां मौजूद चार बालकों पर गई। पुलिस को सूचना दी गई, और मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस चारों बालकों को पकड़कर अपने साथ ले गई।
10 साल के बच्चे को करंट लगाने का आरोप
UP Prime News को मिली जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए बच्चों में से एक की उम्र महज 10 साल बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के नाम पर सारी हदें पार कर दीं।
बालकों को थाने ले जाकर 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर दिया गया।
बेरहमी से मारपीट की गई।
आरोप है कि एक सिपाही ने क्रूरता दिखाते हुए बच्चों को बिजली के झटके (Current) तक लगाए।
हैरानी की बात यह है कि इतनी बर्बरता के बाद भी पुलिस को बच्चों के पास से चोरी हुआ पर्स या कोई सुराग बरामद नहीं हुआ। बाद में आधी रात को पुलिस ने अधमरी हालत में बच्चों को परिजनों के हवाले कर दिया।
गोद में बच्चा, आँखों में आंसू और सिस्टम से सवाल
पुलिस की पिटाई से 10 साल का मासूम बुरी तरह सहम गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उसके शरीर पर चोट के निशान पुलिस की बर्बरता की गवाही दे रहे हैं। मंगलवार को पीड़ित परिवार अपने घायल बच्चे को गोद में उठाकर कलेक्ट्रेट पहुँचा और डिप्टी कलेक्टर व एसपी से न्याय की गुहार लगाई।
आरोपी सिपाही दे रहा जान से मारने की धमकी?
पीड़ित पिता ने UP Prime News के सूत्रों के हवाले से बताया कि जिस सिपाही ने उनके बच्चे को करंट लगाया, अब वह फोन पर गालियां दे रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। परिवार दहशत में है।
जांच के आदेश, क्या मिलेगा न्याय?
मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद हड़कंप मच गया है। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी अभिषेक यादव को जांच सौंप दी है। अब देखना यह होगा कि मासूमों के शरीर पर पड़े नीले निशान क्या खाकी पर कोई दाग लगा पाएंगे या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?

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