यूपी में बड़ा एक्शन: वोटर लिस्ट से कट सकते हैं 2.91 करोड़ नाम? चुनाव आयोग ने लिया यह बड़ा फैसला!
[UP Prime News डेस्क]
उत्तर प्रदेश की राजनीति और चुनावी तैयारियों से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 2.91 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नामों पर संदिग्धता की मुहर लग गई है। अब सवाल यह है कि क्या ये नाम वोटर लिस्ट से हमेशा के लिए हट जाएंगे?
![]() |
| SIR अभियान के तहत सांकेतिक फोटो :-up prime news |
क्या है पूरा मामला? (What is the SIR Campaign?)
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को 100% सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इस महा-अभियान के तहत अब तक चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:
प्रदेश के 15.44 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 99.14% रिकॉर्ड्स का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
इस प्रक्रिया के दौरान 2.91 करोड़ मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो 'संदिग्ध' श्रेणी में आ रहे हैं।
क्यों खतरे में हैं ये 2.91 करोड़ नाम?
जांच के दौरान इन 2.91 करोड़ वोटरों को निम्नलिखित श्रेणियों में रखा गया है:
मृत (Dead): जिनका निधन हो चुका है।
स्थानांतरित (Shifted): जो अपना पुराना पता छोड़कर कहीं और बस गए हैं।
अनुपस्थित (Absent): जो सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले।
डुप्लीकेट (Duplicate): जिनके नाम एक से ज्यादा बार या अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं।
आयोग ने मांगा 14 दिन का अतिरिक्त समय
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। उन्होंने SIR अभियान की समय-सीमा को 14 दिन और बढ़ाने का आग्रह किया है।
मकसद: इतनी बड़ी संख्या में चिन्हित संदिग्ध प्रविष्टियों (Entries) की दोबारा गहन जांच करना।
सुनिश्चितता: यह सुनिश्चित करना कि किसी भी असली और जीवित मतदाता का नाम गलती से लिस्ट से न कट जाए।
क्या आपका नाम भी है लिस्ट में? (What Happens Next?)
UP Prime News आपको बताना चाहता है कि अगर आपका नाम इन श्रेणियों में आता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
आयोग ने साफ किया है कि अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) जारी होने से पहले पूरी जांच की जाएगी।
राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) को यह अपडेटेड लिस्ट उपलब्ध कराई जाएगी।
यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर भी अपलोड होगी ताकि आम जनता ऑनलाइन अपना स्टेटस चेक कर सके।

कोई टिप्पणी नहीं