UP Prime News | विशेष रिपोर्ट
हैदराबाद/लखनऊ:
सपा मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश के विकास और युवाओं के रोजगार को लेकर एक नया और आधुनिक विजन पेश किया है। हैदराबाद में आयोजित 'विजन इंडिया एआई समिट' (Vision India AI Summit) को संबोधित करते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर बड़ी बात कही है।
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| कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव फोटो :- up prime news |
UP Prime News को मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अगर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो AI को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे गांव-गांव तक पहुंचाना होगा।
गांव और खेती में AI से आएगी क्रांति
अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और कृषि को AI से जोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा, "भविष्य में अगर AI का ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए जिससे किसानों को सीधा लाभ हो और गांव के बच्चों को शिक्षा मिले, तो इससे न केवल बड़ा बदलाव आएगा बल्कि रोजगार के नए दरवाजे भी खुलेंगे।"
2. 'डाटा सेंटर' और डिजिटल डिवाइड पर फोकस
सपा अध्यक्ष ने अपनी सरकार के दौरान किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने 'डिजिटल डिवाइड' (तकनीकी दूरी) को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया था। उन्होंने कहा, "हमने छात्रों को लाखों लैपटॉप बांटे ताकि वे तकनीक से जुड़ सकें। आज जरूरत है कि हम एक ऐसी 'डाटा सेंटर पॉलिसी' बनाएं जिससे 'सबका साथ और सबका विकास' का नारा सच हो सके।"
3. स्मार्ट सिटी और वेस्ट मैनेजमेंट का मंत्र
शहरीकरण की चुनौतियों पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि शहरों का जीवन स्तर सुधारने के लिए भी टेक्नोलॉजी बेहद जरूरी है। UP Prime News के विश्लेषण के मुताबिक, उन्होंने विशेष रूप से 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट' और 'वेस्ट कलेक्शन' में AI के प्रयोग की वकालत की। उनका मानना है कि इससे शहरों में सुधार होगा और पर्यावरण भी बेहतर होगा।
AI पर नियंत्रण (Control) भी है जरूरी
अखिलेश यादव ने तकनीक के फायदे गिनाने के साथ-साथ एक सावधानी भी बरती। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप का इको-सिस्टम तैयार करना होगा, लेकिन साथ ही AI के इस्तेमाल पर उचित 'नियंत्रण' और सही नीतियां बनानी होंगी, ताकि इसका दुरुपयोग न हो और यह सीधे तौर पर नौजवानों को नौकरी दिलाने में मददगार साबित हो।
ये दिग्गज भी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समिट में अखिलेश यादव के साथ यूपी के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, सांसद राजीव राय और पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा भी शामिल रहे, जिन्होंने यूपी के विकास और तकनीक पर अपने विचार साझा किए।
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